Madhya Pradesh: ‘टैलेंट हंट’ के जरिए कांग्रेस चुनेगी प्रवक्ता, ज्योतिरादित्य सिंधिया का सता रहा डर

Congress Talent Hunt (Madhya Pradesh News): मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अब कांग्रेस पार्टी भी एक्शन मोड में आ गई है। यही कारण है कि मिशन 2023 के लिए मध्य प्रदेश के हर जिले में प्रवक्ताओं का चयन करने जा रही है। खास बात तो यह है कि इन प्रवक्ताओं का चयन परीक्षा के जरिए किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी ‘टैलेंट हंट’ परीक्षा का आयोजन करने वाली है। इस परीक्षा के माध्यम से मध्यप्रदेश में प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा।

टैलेंट हंट परीक्षा में होंगे इतने सवाल

बताया जा रहा है यह परीक्षा पीएसी और यूपीएससी की तरह होगी। इस टैलेंट हंट परीक्षा में 25 सवालों के सही जवाब और इसमें चुनने के बाद एक इंटरव्यू होगा। जिसके बाद प्रवक्ता का चयन किया जायेगा। मध्य प्रदेश के हर जिलों में प्रवक्ताओं का चयन किया जायेगा। इन प्रवक्ताओं का चयन इस परीक्षा के जरिए किया जाएगा। प्रवक्ता और समन्वयक बनने के लिए 45 मिनट की लिखित परीक्षा में दो तरह के प्रश्न पूछे जाएंगे।

सिंधिया के खिलाफ मुखर बोलने वाला हो प्रवक्ता

इसमें 20 सवाल वैकल्पिक होंगे। तो वहीं पांच प्रश्नों के जवाब निर्धारित शब्दों में लिखकर देने होंगे। वैकल्पिक प्रश्नों में मध्य प्रदेश के लोकसभा, विधानसभा सीटों की संख्या के बारे में पूछा जाएगा। खास बात तो यह है कि सिंधिया के गढ़ ग्वालियर चंबल अंचल में कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता चुनने के लिए एक पैनल तैयार किया जाएगा। क्योंकि ग्वालियर चंबल अंचल में ऐसा प्रवक्ता चुना जाएगा जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ मुखर बोलने वाला हो।

कांग्रेस की निगाहें ग्वालियर पर

इसके साथ ही ग्वालियर चंबल अंचल की राजनीति में जानकारी रखता हो। क्योंकि कांग्रेस पार्टी की निगाहें सबसे ज्यादा ग्वालियर चंबल अंचल पर हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इस निकाय चुनाव में सिंधिया के गढ़ में कांग्रेस पार्टी ने जीत हासिल की है। इसलिए उम्मीद है कि आगामी विधानसभा में सबसे ज्यादा सीट है। उन्हें ग्वालियर चंबल अंचल से ही मिलने वाली है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी सबसे ज्यादा तैयारी ग्वालियर चंबल अंचल में ही कर रही है।

बीजेपी ने दिया ये बयान

इसे लेकर ग्वालियर से बीजेपी अध्यक्ष कमल माखीजानी ने कहा है कि देखिए प्रतिभाहीन हैं। कांग्रेस को प्रतिभा ढूंढने की आवश्यकता हुई है और ऐसा कर भी रहे है। उन्हें प्रशिक्षण की वास्तविक में आवश्यकता भी है। जैसे इनके वरिष्ठ नेतागण वक्तव्य देते हैं। तो उन वक्तव्य में किस प्रकार से वो अपने उसको जाहिर करते हैं। ये सब दुनिया देखती है। चाहे राहुल गांधी जी के वक्तव्य हों। चाहे कल ही जैसे केके मिश्रा जो उनके मीडिया विभाग के अध्यक्ष हैं। उन्होंने जिस तरह से गाली गलौच करके एक वर्ग विशेष को अपमानित किया है। तो वास्तव में उनको प्रशिक्षण की आवश्यकता है। जहां तक ग्वालियर चंबल अंचल की बात है। तो यहां इतने शक्तिशाली नेता हैं। भारतीय जनता पार्टी के इतने लोकप्रिय जनाधार वाले नेता हैं, तो वास्तव में उनको तैयारी के साथ ही आना चाहिए।

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