‘चाचा’ को मिलेगा सम्मान, अखिलेश यादव के बयान से चढ़ा राजनीतिक पारा

इंडिया न्यूज, मैनपुरी:
चाचा शिवपाल को लेकर सपा में चर्चा थम नहीं रही है। चुनाव के लिए सभी पार्टियां पैतरें तय कर रही हैे। ऐसे हालात में समाजवादी पार्टी में शिवपाल यादव पर लगातार चर्चा हो रही है। इधर समाजवादी पार्टी के मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विधानसभा चुनाव के लिए मैदान में उतर चुके हैं। अपने कार्यकतार्ओं के दुखों में शामिल हो रहे हैं। मंगलवार को अखिलेश यादव मैनपुरी पहुंचे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत भी की। विधानसभा चुनाव नजदीक है और समाजवादी पार्टी (सपा) का प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन पर किए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शिवपाल सिंह यादव का दल छोटा है, फिर भी उनका पूरा सम्मान होगा। सपा उनके लिए सीट छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि शिवपाल से उनकी फोन पर बातचीत होती है। भारतीय जनता पार्टी को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का राजनीतिक प्रकोष्ठ बताया। कहा, विधानसभा चुनाव में इस पर ध्यान नहीं देना है। ध्यान विकास और रोजगार के मुद्दों पर देना है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को देश-दुनिया की सबसे झूठी पार्टी बताया।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंगलवार को सांसद प्रतिनिधि देवेंद्र सिंह यादव के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे थे। यहां पत्रकारों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने संकल्प पत्र का कोई काम पूरा नहीं किया है। उसने संकल्प पत्र को कूड़ेदान में फेंक दिया है। अब दूसरे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। न गाय को सम्मान मिला, न गंगा साफ हुई। राष्ट्र सर्वोपरि होने का दावा करने वाली भाजपा राष्ट्र की संपत्ति को बेच रही है। उन्होंने पूर्व जिलाध्यक्ष दीप सिंह पाल की मृत्यु पर उनके घर और सत्यप्रकाश गुप्ता के यहां पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कीं। उनके साथ पूर्व सांसद तेजप्रताप यादव मौजूद रहे।

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