पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्वीकारी कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कमी की बात

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली, Shortage Of Petrol And Diesel: देश के कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कमी की रिपोर्टों के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने कहा है कि एक्सट्रा मांग की आपूर्ति के लिए पर्याप्त मात्रा में सप्लाई की जा रही है। अधिकारियों ने माना है कि प्राइवेट कंपनियां कटौती कर रही हैं जिसके कारण सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (पीएसयू) से जुड़े पेट्रोल पंपों पर दबाव बढ़ने से कुछ राज्यों में पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की कमी की समस्या हो गई है। मंत्रालय ने यह भी स्वीकार किया कि मांग बढ़ने की वजह से पीएसयू सप्लाई नहीं कर पा रही हैं।

जानिए किन राज्यों में है संकट

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार हरियाणा, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में विशेषकर पंपों पर पेट्रोल-डीजल की कमी है। मध्य प्रदेश, कर्नाटक और राजस्थान में ज्यादातर प्राइवेट कंपनियां पेट्रोल-डीजल की बिक्री कर रही हैं, इसी के साथ प्राइवेट कंपनियों ने तेल की सप्लाई में कटौती कर दी है। इन इसी के साथ इन राज्यों में तेल डिपो व टर्मिनल ज्यादा दूरी पर हैं, जिस वजह से पेट्रोल पंपों पर सप्लाई में देरी होती है।

इंडियन आयल के पंपों पर नहीं पेट्रोल-डीजल की कमी

उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि मांग के हिसाब से देश में पेट्रोल-डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, पर लोकल लेवल पर परिवहन संबंधी दिक्कतों की वजह से अस्थायी दिक्कत बढ़ी है। कई राज्यों में निकाय चुनाव की गतिविधियां होने से भी पेट्रोल व डीजल की मांग बढ़ी है। जानकारी के अनुसार इंडियन आयल के पेट्रोल पंपों पर डीजल पेट्रोल की कमी नहीं है। हालांकि हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम से जुड़े पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति में समस्या है।

मांग बढ़ने के ये हैं मुख्य कारण

  • थोक में डीजल के दाम ज्यादा होने के कारण पेट्रोल पंपों पर बोझ बढ़ा
  • कई राज्यों में धान की बुवाई व अन्य कृषि की गतिविधियां बढ़ने से डीजल की मांग में वृद्धि हुई
  •  प्राइवेट कंपनियां घाटे से बचने के लिए बिक्री में कटौती कर रहीं।

कच्चे तेल के मुकाबले दाम नहीं बढ़ा रही सरकारी कंपनियां

सरकारी तेल कंपनी हिन्दुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन आयल और भारत पेट्रोलियम कच्चे तेल के मुकाबले पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ा रही हैं। ये कंपनियां 20 से 25 रुपए प्रति लीट डीजल और 14 से 18 रुपए प्रति लीटर के घाटे पर पेट्रोल बेच रही हैं। इसी के साथ शैल, जियो-बीपी और नायरा एनर्जी जैसी निजी कंपनियां यह घाटा वहन करने की स्थिति में नहीं हैं।

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