असम के मोरीगांव में मदरसा किया गया ध्वस्त,सीएम ने कहा माँ-बाप नज़र रखे मदरसों में क्या पढ़ाया जा रहा है

इंडिया न्यूज़ (गुवाहटी):असम के मोरीगांव में आज आपदा प्रबंधन अधिनियम और यूएपीए अधिनियम के तहत जमीउल हुडा मदरसे को तोड़ा गया,इस मदरसे में 43 छात्र पढ़ रहे थे,अब अलग-अलग स्कूलों में इनका दाखिल करवाया  जाएगा,मुस्तफा उर्फ ​​मुफ्ती मुस्तफा का यह मदरसा था उसे आंतकवाद में आरोप में गिरफ्तार किया गया है,मुस्तफा उर्फ ​​मुफ्ती मुस्तफा ने 2017 में भोपाल से इस्लामी कानून में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी.

मोरीगांव जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) अपर्णा एन का कहना है कि मुस्तफा उर्फ ​​मुफ्ती मुस्तफा द्वारा संचालित मोइराबारी इलाके में जमीउल हुदा मदरसा,जिसे हाल ही में बांग्लादेश स्थित आतंकी संगठन अंसारुल्लाह बांग्ला टीम और एक्यूआईएस के साथ उसके संबंधों के लिए गिरफ्तार किया गया था,उसके मदरसे को आज ध्वस्त कर दिया गया है.

मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा शर्मा ने इस पर कहा की असम में 800 सरकारी मदरसों को पहले ही खत्म कर चुके हैं लेकिन राज्य में कई कौमी मदरसे हैं, माता-पिता को इन मदरसों पर नजर रखनी चाहिए की वहां किस तरह के विषय पढ़ाए जाते हैं.

मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा की असम पहले ही बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के विस्तार का स्वागत कर चुका है,हम बीएसएफ को हरसंभव सहयोग की पेशकश कर रहे हैं,हम हमेशा केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा,यह संदेह से परे साबित हो चुका है कि असम इस्लामी कट्टरपंथियों का अड्डा बनता जा रहा है,जब आप 5 मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हैं और अन्य 5 बांग्लादेशी नागरिकों के ठिकाने का पता नहीं चलता है,तो आप कारेवाई के असर का अंदाज़ा लगा सकते है.

सीएम ने बताया की अंसारुल्ला बांग्ला टीम (एबीटी) से जुड़े छह सदस्यों को इस साल मार्च में बारपेटा से गिरफ्तार किया गया था,इस टीम का सरगना एक बांग्लादेशी नागरिक था जो अवैध रूप से भारत में घुसा था.

Latest news
Related news