“मैं गुजरात, हिमाचल और दिल्ली की जनता का विनम्र भाव से आभार व्यक्त करता हूं” गुजरात में प्रचंड जीत के बाद पीएम मोदी

गुजरात में प्रचंड और ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में भाजपा मुख्यालय से लोगों को संबोधीत किया। बता दें इस दौरान मंच पर पीएम मोदी के साथ रक्षामंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह,  भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद थे। लोगों को संबोधित करते हुए पीएम ने  शुरुआत भारत माता की जय के साथ की। पीएम मोदी ने कहा कि मैं सबसे पहले जनता जनार्दन के सामने नतमस्तक हूं। जनता जनार्दन का आशीर्वाद अभिभूत करने वाला है। हमारे अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जो परिश्रम किया है, उसकी खूशबू आज हम चारों तरफ अनुभव कर रहे हैं।

 

पीएम ने कही ये बातें 
  • बता दें इस दौरान पीएम ने कहा जनता जनार्दन का आशीर्वाद अभिभूत करने वाला है। जे. पी. नड्डा जी के नेतृ्त्व में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जो परिश्रम किया है उसकी खुशबू चारों तरफ महसूस कर सकते हैं। मैं गुजरात, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली की जनता का विनम्र भाव से आभार व्यक्त करता हूं।
  • हिमाचल प्रदेश के चुनाव में एक प्रतिशत से भी कम अंतर से हार-जीत का फैसला हुआ है। इतने कम अंतर से हिमाचल प्रदेश में कभी नतीजे नहीं आए हैं। हिमाचल में हर 5 साल में सरकार बदली है लेकिन हर बार 5-7% के अंतर से सरकार बदली है।
  • जहां भारतीय जनता पार्टी प्रत्यक्ष नहीं जीती, वहां भाजपा का वोट शेयर भाजपा के प्रति स्नेह का साक्षी है। मैं गुजरात, हिमाचल और दिल्ली की जनता का विनम्र भाव से आभार व्यक्त करता हूं।
  • भाजपा के प्रति ये स्नेह देश के अलग अलग राज्यों के उपचुनाव में भी दिख रहा है। उत्तर प्रदेश के रामपुर में भाजपा को जीत हासिल हुई है। बिहार के उपचुनावों में भाजपा का प्रदर्शन आने वाले दिनों का स्पष्ट संदेश है।
  • हमारे पूर्वजों ने एक कहावत कही है, ‘आमदनी अठन्नी, खर्चा रुपया’। अगर यह हिसाब रहेगा तो क्या स्थिति होगी यह हम अपने आस-पास के देशों में देख रहे हैं। आज इसलिए देश सतर्क है। देश के हर राजनीतिक दल को यह याद रखना होगा कि चुनावी हथकंडों से किसी का भला नहीं हो सकता।
  • जो अपने आप को न्यूट्रल कहते हैं और जिनका न्यूट्रल होना जरूरी होता है वह कहां खड़े होते हैं, कब कैसे रंग बदलते हैं और कैसे-कैसे खेल खेलते हैं, वह देश का जानना जरूरी है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में कितने लोगों की जमानत जब्त हुई कोई चर्चा नहीं हुई।
  • हमें अपनी शक्ति को बढ़ाते रहना है और कठोर से कठोर झूठे आरोपों को सहने का सामर्थ्य भी बढ़ाना होगा क्योंकि अब जुल्म बढ़ने वाला है। आप मानकर चलिए कि यह मुझ पर भी बढ़ने वाला है और आप पर भी बढ़ने वाला है क्योंकि यह सहन और पचा नहीं पाएंगे।
  • 2002 के बाद शायद मेरे जीवन का ऐसा कोई पल नहीं गया, कोई कदम ऐसा नहीं रहा जिसकी धज्जियां ना उड़ा दी गई हो। इसका मुझे फायदा हुआ क्योंकि मैं हमेशा सतर्क रहा और हर बुरी प्रवृत्ति से कुछ सकारात्मक खोजता रहा, सीखता रहा।
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