प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंची विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं से ठगी की शिकायत, दुकानदारों को सख्त निर्देश

इंडिया न्यूज, Varanasi News। Kashi Vishwanath Temple Varanasi: एक तरफ जहां वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में कॉरिडोर के बनने के बाद आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है वहीं दर्शन करवाने के नाम पर ठगी की घटनाएं भी सामने आई हैं। विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ ठगी की घटना की शिकायत अब प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई है।

दुकानदारों को जारी करनी होगी रेट लिस्ट

बता दें कि विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करवाने के नाम पर चल रही ठगी का मामला पीएमओ पहुंचते ही पुलिस-प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। आनन-फानन में वाराणसी पुलिस ने फूलमाला और प्रसाद के दुकानदारों की बैठक बुला ली और उनको रेट लिस्ट जारी करने का अल्टीमेटम दे दिया।

पुलिस ने कड़ी चेतावनी दी और साफ किया कि अगले कुछ दिनों में व्यापारी रेट लिस्ट तैयार कर लें और स्वीकृति के बाद इसी के हिसाब से वाजिब दर पर ही फूलमाला और प्रसाद की बिक्री होगी।

एक पंडा पर है 5 हजार रुपये ऐंठने का आरोप

वहीं पुलिस की ओर से दुकानदारों को ये चेतावनी भी दी गई है कि अगर कहीं कोई बच्चा काम करते मिला तो बाल श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि दिल्ली के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति से दर्शन कराने के नाम पर एक पंडा ने 5 हजार रुपये ऐंठ लिए।

पीड़ित ने दी पीएमओ को लिखित शिकायत

ठगी के शिकार हुए व्यक्ति ने इस संबंध में लिखित शिकायत पीएमओ से कर दी। मामला यूपी पुलिस-प्रशासन तक पहुंचा और अब वाराणसी में स्थानीय स्तर पर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से धन उगाही पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस एक्शन में आ गई है।

फूलमाला और प्रसाद दुकानदारों की बुलाई बैठक

वाराणसी थाने में विश्वनाथ मंदिर के आसपास फूलमाला और प्रसाद के दुकानदारों की बैठक बुलाई गई जिसमें खुद एसीपी दशाश्वमेध अवधेश पांडेय भी मौजूद रहे। एसीपी ने दुकानदारों से कहा कि आज उनकी नौकरी खतरे में आ चुकी है।

पीएमओ से लेटर आया है कि दिल्ली के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के साथ आए छह लोगों को फूलमाला के दुकानदार के सहयोग से एक पंडा ने फ्री में दर्शन करा दिया और बगैर किसी टिकट के बाबा विश्वनाथ का स्पर्श भी करा दिया लेकिन इसके बाद बाहर आकर 5 हजार रुपये ऐंठ लिए।

मंदिर से एक पुलिस अधिकारी को हटाया

एसीपी के मुताबिक दिल्ली वापस लौटने के बाद उस श्रद्धालु ने पीएमओ में लिखित शिकायत कर दी। इसके बाद डीजी आॅफिस के साथ ही मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए ट्वीट भी कर दिया।

विश्वनाथ मंदिर से एक पुलिस अधिकारी को हटा भी दिया गया। उन्होंने दुकानदारों से बाबा विश्वनाथ के नाम पर धोखा देना बंद करने के लिए कहा और ये निर्देश भी दिए कि फूल की डलिया पर लोगो बनवा लें और पंजीकरण करा लें।

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