रोहित शर्मा की बल्लेबाजी के कायल हुए सुनील गावस्कर, कहा- ऐसी ही होती है टेस्ट पारी

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:
भारतीय टीम (Indian Cricket Team) के सालमी बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच के तीसरे दिन शानदार शतक जड़ा और इसी के साथ भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। रोहित का यह टेस्ट में आठवां शतक है लेकिन विदेशी धरती पर यह रोहित का ये पहला टेस्ट शतक है। रोहित इस सीरीज में इससे पहले दो अर्धशतक जमा चुके थे। उन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट में और फिर इसके बाद हेडिंग्ले में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में अर्धशतक जमाया था लेकिन वह इन पारियों को शतक में तब्दील नहीं कर पाए थे। रोहित ने हालांकि चौथे टेस्ट मैच में इस कमी को पूरा किया। रोहित की पारी देख कई दिग्गज उनकी तारीफों के पुल बांध रहे हैं। भारत के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar)ने भी दाएं हाथ के इस बल्लेबाज की जमकर तारीफ की है। रोहित ने 127 रनों की पारी खेली और भारत को तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड पर 171 रनों की बढ़त दिलाने में अहम रोल निभाया। गावस्कर को रोहित की बल्लेबाजी का तकनीकी पक्ष काफी पसंद आया है। रोहित को हालांकि इस पारी में दो जीवनदार मिले। पहला जीवनदार उन्हें छह रनों के निजी स्कोर पर मिला वहीं दूसरा जीवनदान 33 के स्कोर पर मिला। रोहित ने इन मौकों का फायदा उठाया और बड़ी पारी खेली। गवास्कर ने कहा कि शानदार पारी, बेहद प्रभावशाली, वो इसलिए क्योंकि जब गेंद नई थीं तब उन्होंने स्विंग को बेहतरीन तरीके से खेला। सिर्फ यहां नहीं बल्कि पहले के मैचों में भी. वह देरी से खेल रहे हैं, उनका बल्ला और पैड काफी करीब रहते थे। एक बार जब वे सेट हो जाते हैं उनके सभी शॉट आते हैं। लेकिन सबसे प्रभावित करने वाली चीज उनकी बल्लेबाजी में रही है उनका सीधा बल्ला, डिफेंड करते समय। साथ ही टेस्ट शतक लगाते समय उनके पैरों का इस्तेमाल। गावस्कर को उनकी पारी में सबसे ज्यादा अच्छी बात जो लगी वो उनका अपनी आक्रामकता को काबू में रखना। उन्होंने कहा कि एक बार जब वह फिफ्टी बना लेते हैं। वह अपने शॉट्स की रेंज को बढ़ा देते हैं। वह सामने खेलते हैं, कट खेलते हैं और स्वीप शॉट्स खेलते हैं। इसी तरह टेस्ट पारी को बनाया जाता है। उनके तरह के बल्लेबाजों के लिए यह बड़ी चुनौती होती है। उनकी तरह के बल्लेबाजों, या गुणप्पा विश्वनाथ और मोहम्मज अजहरूद्दीन जैसे बल्लेबाजों के पास हर गेंद के लिए अलग-अलग विकल्प होते हैं। वह आॅन साइड और आॅफ साइड पर खेल सकते हैं, लेकिन इस चीज को नियंत्रित करना और फिर उस तरह की पारी खेलना जिसकी जरूरत है वो काफी अहम है। उन्होंने यही किया।

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