क्यों नोएडा स्थित “ट्विन टावर्स” को गिराया जा रहा है, जाने

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर साल 2004 में 'सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट' हाउसिंग सोसाइटी बनाने का प्रस्ताव आया था.

इंडिया न्यूज़ (नोएडा, Why Noida Twin Towers Are Being Demolished): नोएडा स्थित “ट्विन टावर्स” को रविवार 28 अगस्त को गिराया जाने वाला है। क़ुतुब मीनार से भी ऊंचे इन टावर्स को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गिराया जा रहा है। इस इमारत को देश की सबसे बड़ी अवैध इमारत भी कहा जा सकता है.

इन टावर्स को गिराने में लगभग 3700 विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जाएगा, इसकी पूरी तैयारी कर की गई है। सिर्फ 9 सेकंड में यह दोनों टावर्स जमींदोज हो जाएंगे। इसमें से एक 103 मीटर और दूसरी 97 मीटर ऊंची है.

क्यों इन टावर्स को गिराया जा रहा है

1.नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर साल 2004 में ‘सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट’ हाउसिंग सोसाइटी बनाने का प्रस्ताव आया था। तब इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ने 48,263 वर्ग मीटर की भूमि का एक भूखंड आवंटित किया था जो सेक्टर 93ए के प्लॉट नंबर 4 का एक हिस्सा था। तब इसमें 9 -9 तल्लों के 14 टावर्स को बनाने का प्लान था.

2.साल 2012 में प्लान को संशोधित किया गया और टावर्स की ऊंचाई 40 तल्ले करने की अनुमति दी गई, ऊंचाई बढ़ाने को लेकर साल 2014 में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय का रुख किया और कहा की इमारत का निर्माण अवैध है, तब इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नोएडा प्राधिकरण को चार हफ्तों के भीतर “ट्विन टावर्स” को गिराने का आदेश दिया था, खरीदारों को 14 प्रतिशत सूद के साथ पैसे वापस करने का भी निर्देश इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दिया था.

3.साल 2016 में नोएडा प्राधिकरण ने आवंटित जमीन को बढ़ाकर कर 54,819.51 वर्ग मीटर कर दिया। प्राधिकरण ने 2006 के बाद नए आवंटियों के लिए फ्लोर एरिया के अनुपात को भी 1.5 से बढ़ाकर 2 कर दिया गया था.

4. सुप्रीम कोर्ट में घर खरीदारों द्वारा उच्च न्यायालय के फैसले के विरोध और समर्थन में कई याचिकाएं दायर की गई,  अगस्त 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को बरक़रार रखा और खरीदारो  को 12 प्रतिशत सूद के साथ पैसे लौटाने का निर्देश दिया, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था की संरचनाओ का निर्माण मानदंडों का उल्लंघन करते हुए किया गया है। तब कोर्ट ने इसको तीन महीने के अंदर गिराने का निर्देश दिया था.

5. सात फरवरी 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने इसे दो हफ्ते में गिराने का निर्देश दिया था, आखिरकार 12 अगस्त 2022 को कोर्ट ने 28 अगस्त 2022 को “ट्विन टावर्स” को गिराने का निर्देश दिया और अब यह गिराया जा रहा है.

Latest news
Related news