कैबिनेट ने पंजाब राइट टू बिजनेस रूल्स में संशोधन को मंजूरी दी, पंजाब कृषि उपज, मंडियों एक्ट में संशोधन को भी दिखाई हरी झंडी

इंडिया न्यूज़, चंडीगढ़:
पंजाब में औद्योगिक विकास को एक और बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने औद्योगिक इकाईयों (एमएसएमई) के विस्तार को ‘पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट, 2020 के घेरे तहत लाने के लिए ‘पंजाब राइट टू बिजनेस रूल्ज 2020 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। राज्य में व्यापार को आसान बनाने के लिए 6 फरवरी 2020 को ‘पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट 2020 नोटीफाई किया गया था और इस के बाद ‘पंजाब राइट टू बिजनेस रूल्ज 2020 को 29 जुलाई 2020 को नोटीफाई किया गया। यह नियम पंजाब की नई लघु, छोटी और मध्यम औद्योगिक इकाईयों पर लागू होते थे। लेकिन राइट टू बिजनेस एक्ट 2020 का यह नया संशोधन राज्य में मौजूदा एमएसएमई को अपने विस्तार के लिए teji से मंजूरियांं, छूटों और स्व-घोषणा का मौका मुहैया करेगी।

7 तरह की मंजूरियां लेने में होगा मददगार

इस एक्ट के तहत 7 सेवाओं की सैद्धांतिक मंजूरी के लिए सर्टिफिकेट हासिल करने के योग्य बनाएगा। इस संशोधन के मुताबिक विस्तार कर रही मौजूदा एमएसएमई सैद्धांतिक मंजूरी का सर्टिफिकेट जारी होने के बाद अपने विस्तार को तेजी के साथ पूरा करने के योग्य बनेंगी। इसके लिए फोकल प्वाइंटों में सैद्धांतिक मंजूरी पांच कामकाजी दिनों और फोकल प्वाइंटों से बाहर 20 कामकाजी दिनों में मिलेगी।

अदालतों के लिए 810 पद सृजन करने की मंजूरी

मंत्रीमंडल ने राज्य की अधीनस्थ अदालतों के लिए 810 पद सृजित करने के लिए मंजूरी दे दी है, जिनमें सहायक स्टाफ के अलावा अतिरिक्त जिला और सैशन जजों के 25 पद और सिविल जज (जूनियर डिवीजन- कम-ज्यूडिशियल के 80 पद शामिल हैं। इस कदम से राज्य में नई अदालतों के गठन में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी जिससे अधीनस्थ अदालतों में बकाए अदालती मामलों के तेजी से निपटारे के साथ लोगों को सुविधा मिलेगी।

जल स्रोत खोज, ग्रुप-ए सर्विसेज रूल्ज को भी मंजूरी

मंत्रीमंडल ने पंजाब जल स्रोत खोज, ग्रुप-ए सर्विसेज रूल्ज- 2022 तैयार करने के लिए हरी झंडी दे दी है। विभाग की प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खोज अफसरों के 9 पद और सहायक खोज अफसरों के 26 पद मंजूर किए गए है। मौजूदा नियमों में सीधी या तरक्की कोटे के अनुपात के बारे कुछ स्पष्ट नहीं है। इस कदम के साथ विभाग की प्रशासकीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी ।

शहरी स्तर के सुधारों को मिलेगी मदद

बिल्डिंग फिसकल एंड इंस्टीच्यूशनल रीसायलेंस फॉर ग्रोथ प्रोजेक्ट के लिए विचार-चर्चा और भारत सरकार के वित्त मामलों संबंधी विभाग और विश्व बैंक (निर्माण और विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय बैंक) के साथ करारनामा करने की मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से राज्य सरकार को अगले 5 सालों में राज्य और शहरी स्तर में प्रमुख सुधारों के लिए मदद मिलेगी और 5 विभाग लागूकरण वाली एजेंसियों के तौर पर काम करेंगे।

पंजाब कृषि उत्पाद मंडी एक्ट में संशोधन को मंजूरी

मंत्रीमंडल ने पंजाब कृषि उत्पाद एक्ट की धारा 12 में संशोधन करने की मंजूरी दे दी है, जिससे मौजूदा समय नामजद मार्केट कमेटियों को भंग करके नए प्रशासक नियुक्त करने की व्यवस्था की गई है। इस फैसले के मुताबिक राज्य सरकार भंग की मार्केट कमेटियों की जगह पर प्रशासक नियुक्त करेगी, जो एक साल के समय के लिए या नई मार्केट कमेटियों की नामांकनों तक, जो भी पहले हो, ड्यूटी निभाते हुए अपनी शक्तियों का प्रयोग करेंगे।

विभाग की सालाना प्रशासनिक रिपोर्टें मंजूर

पंजाब कैबिनेट ने डीपीआई (कालेज) की साल 2017-18, 2018-19, 2019- 20 और 2020- 21, भाषा विभाग पंजाब की साल 2016 से लेकर 2021 तक की रिपोर्ट को मंजूरी दी गई। इसके अलावा पर्यटन, सांस्कृतिक मामले, पुरातत्व और अजायबघर विभाग की साल 2020- 21 की सालाना प्रशासनिक रिपोर्टों को स्वीकृत कर लिया है।

विधानसभा के मौजूदा सैशन में राज्य के वित्त संबंधी व्हाइट पेपर पेश करने की मंजूरी

पंजाब मंत्रीमंडल ने आज विधानसभा के मौजूदा सैशन के दौरान राज्य के वित्त संबंधी व्हाइट पेपर सदन में पेश करने की मंजूरी दे दी है। राज्य के वित्त संबंधी ‘व्हाइट पेपर’ पंजाब सरकार को पेश जटिल मुद्दों को सरल बनाने और मौजूदा सरकार को विरासत में मिली वित्तीय स्थिति संबंधी आम आदमी को स्पष्ट तौर पर अवगत करवाने का प्रयास है। इस व्हाइट पेपर में मुख्य तौर पर चार अध्याय हैं जो असली तस्वीर सामने रखने के साथ साथ वित्तीय सूचकों की मौजूदा स्थिति और राज्य के सरकारी अदारों के वित्तीय हालात को पेश करते हैं। व्हाइट पेपर राज्य के वित्तीय हालात में सुधार के लिए संभावित राह भी दिखाऐगा।

अनुमानों को पेश करने की मंजूरी

मंत्रीमंडल ने विधानसभा के चल रहे बजट सेशन में साल 2022- 23 के बजट अनुमानों को पेश करने को भी मंजूरी दे दी है। बजट अनुमान आम नागरिकों और ईमेलों, चिट्ठियों और सीधे संचार के द्वारा अपने सुझाव देने वाले लोगों समेत सभी भाईवालों के साथ सलाह-मश्वरा करने के बाद तैयार किये गए हैं। मंत्रीमंडल ने मौजूदा सेशन में पंजाब विधानसभा के सामने साल 2018- 19, 2019- 20 और 2020- 21 के लिए कैग आडिट रिपोर्टें, संविधान सहित अन्य कामों को मंजूरी दी है।

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