लता मंगेशकर के स्वर के साथ होगा अयोध्या नगरी में प्रवेश, स्मृति चौक पर लगा 14 टन वजनी वीणा

With the voice of Lata Mangeshkar, there will be an entry in the Ayodhya, Smriti Chowk decorated with installed 14 tons weighing Veena

Lata Mangeshkar (Ayodhya News): अयोध्या नगरी में अब भगवान श्रीराम के भक्तों को स्वर कोकिला लता मंगेशकर के भजन और वीणा के स्वर सुनाई देंगे। अयोध्या में 14 टन वजनी वीणा की लता मंगेशकर चौक पर स्थापना की जा रही है। जिसके बाद अयोध्या में एंट्री करने के दौरान सुर साम्राज्ञी स्वर्गीय लता मंगेशकर की वीणा और भजन के आपको स्वर सुनाई देंगे।

आपको बता दें कि इस 14 टन वजनी वीणा में मां सरस्वती और मां लक्ष्मी के साथ-साथ दो मोर भी बने हुए हैं। इस वीणा को 70 कलाकारों द्वारा तैयार किया गया है। इस वीणा की ऊंचाई लगभग 12 मीटर यानि कि 40 फिट है, जबकि इसकी चौड़ाई 10 फिट है।

लता मंगेशकर के जन्मदिन का तोहफा

यह वीणा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से 28 सितंबर को लता मंगेशकर के जन्मदिन पर खास तोहफा होगा। यह 14 टन वजनी वीणा स्वर कोकिला के जन्मदिन पर समर्पण होगा। जानकारी दे दें कि अयोध्या के प्रवेश द्वार के नया घाट चौराहे को लता मंगेशकर चौराहा कर दिया गया है। जिसका निर्माण करीबन पूरा हो चुका है।

सीएम योगी की तरफ से है खास तोहफा

लाइट और साउंड का इस चौराहे पर ऐसा समन्वय होगा कि लता मंगेश्कर द्वारा गाए गए श्री राम के कीर्तन-भजन और वीणा की मधुर ध्वनि यहां पर लोगों को लगातार सुनाई देती रहेगी। स्वर कोकिला के जन्मदिन पर 8 करोड़ से बनने वाला लता स्मृति चौराहा सीएम योगी की तरफ से एक खास तोहफा होगा। राम सुतार फाइन आर्ट लिमिटेड कंपनी द्वारा इसका डिजाइन तैयार करवाया गया है।

सीएम योगी करेंगे उद्घाटन

इसके साथ ही बता दें कि 14 टन वजनी वीणा को नोएडा से अयोध्या आने में 3 दिन लग गए। मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इसका उद्घाटन करेंगे। जिसके लिए 28 सितंबर को वह अयोध्या पहुंचेंगे। अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव सत्येंद्र सिंह ने इसे लेकर जानकारी देते हुए कहा है कि “हमारा ये कार्य अगले 3 से 4 दिन में पूरा हो जाएगा और ये आकर्षण का केंद्र बनेगा।”

वीणा बनाने पर 70 लोगों ने किया काम

इसके साथ ही वीणा को बनाने वाले अनिल राम सुतार ने कहा है कि यह बहुत बड़ा चैलेंज था। वीणा पूरा कासे का बनाया गया है। ढलाई का प्रोसेस सब कुछ देखते हुए रात-दिन करके हम लोगों ने इस पर काम किया है। जिसके बाद यह एक महीने में तैयार हुआ है। वीणा को बनाने पर 70 लोग काम कर रहे थे। मोल्डिंग करने से लेकर सांचे ढालने तक बहुत ही लंबा प्रोसेस होता है।

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