धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में पिछले तीन सालो में 163 मामलो पर कारेवाई की गई:भारत सरकार

इंडिया न्यूज़ (दिल्ली): धर्मिक उन्माद फैलाने और धर्मिक भावनाओ को भड़काने के खिलाफ पिछले तीन साल में 163 मामलो पर कारेवाई की गई है यह जानकारी सुचना प्रसारण मंत्रालय ने संसद में दी है,केरल से कांग्रेस सांसद अदूर प्रकाश ने इसको लेकर सवाल पूछा था,अदूर प्रकाश ने अपने सवाल में कहा की यह सरकार के संज्ञान में आया होगा की पिछले कुछ दिनों में टीवी चैनलों पर धार्मिक अपमान वाले टिप्पणियों का प्रसारण बढ़ा है,उन्होंने सरकार से पूछा की पिछले तीन सालो में ऐसे कितने मामले सरकार की संज्ञान में आये और अगर आये है तो उनपर सरकार ने क्या कारेवाई की है,चैनेलो के नाम की साथ बतया जाए की उनपर क्या कारेवाई हुए है?सरकार ने नफरती बहसों को प्रसारित करने की लिए क्या कदम उठाये है इसके जानकारी भी दी जाए?

इसपर सूचना प्रसारण मंत्रालय ने जवाब देते हुए कहा की सभी निजी चैनेलो को केबल टेलीविज़न नेटवर्क अधिनियम 1995 के तहत बनाये गए केबल टेलीविज़न नेटवर्क नियमो का पालन करना होता है,किसी भी धर्म,समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिपण्णी और धर्मिक भावनाएं भड़काने वाले शब्दों को प्रसारित नहीं किया जा सकता,जो भी निजी चैनेल इस नियम का उल्लंगन करते पाए जाते है उनपर कारेवाई की जाती है,पिछले तीन सालो में और इस साल भारत सरकार ने 163 मामलो में कारेवाई की है इसमें सलाह देना,चेतावनी देना,माफ़ी चलवाना और चैनेलो को ऑफ एयर करना शामिल है.

भारत सरकार ने बताया की उनसे इसको लेकर नियमो में संशोधन भी किया है,17 जून 2021 को भारत सरकार ने केबल टेलीविज़न नियमों में संसोधन कर प्रसारण कोड और विज्ञापन कोड को तोड़ने वालो के शिकायत के लिए एक व्यवस्था बनाई गई है इसमें नियमो को तोड़ने पर तीन स्तरीय शिकायत और उसके निवारण की लिए प्रक्रिया बनाई गई है,जिसमे पहले स्तर पर प्रसारणकर्ता,दूसरे स्तर प्रसरणकर्ताओ की स्व-विनियमन संस्था और आखिरी स्तर पर केंद्र सरकार की व्यवस्था कारेवाई करेगी.

सरकार ने यह भी बताया की वह समय समय पर चैनेलो को दिशा-निर्देश भी जारी करते रहती है.

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