बेलगाम सीमा पर कन्नड़ संगठन का उग्र प्रदर्शन, महाराष्ट्र की गाड़ियों पर पथराव : जानिए क्या है दोनों राज्यों के बीच का विवाद

इंडिया न्यूज़ (दिल्ली) : पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच एक अलग तरह का टकराव देखने को मिल रहा है। कर्नाटक में स्थानीय लोग महाराष्ट्र के नंबर प्लेट वाले ट्रकों पर देखते ही हमला कर दे रहे हैं। लोग सड़क पर महाराष्ट्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पूरे टकराव का मुख्य कारण दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद है। जिसके चलते अब महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी घटनाओं की आलोचना की है। वहीँ हिंसक प्रदर्शन करने वाले लोगों पर कर्नाटक पुलिस ने कार्रवाई की है।

जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के नंबर प्लेट देखकर उन पर हमला करने वाले लोग कन्नड़ ग्रुप कर्नाटक रक्षण वेदिके के हैं। इस समूह के लोग महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम से नाराज हैं। जिसके चलते अब उनका प्रदर्शन काफी उग्र हो गया है और विवादित क्षेत्र बेलगावी के ही बागेवाड़ी में हुई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने एक्शन लिया है लेकिन देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि इस तरह की घटनाओं से वैमनस्य पैदा हो रहा है।

बेलगावी विवाद को लेकर होनी थी बातचीत

सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि बेलगावी विवाद को लेकर महाराष्ट्र के ही दो मंत्री बेलगावी के 850 गावों से बातचीत के लिए जाने वाले थे। अब इन दोनों ही मंत्रियों ने अपने दौरे को कैंसिल कर दिया है। महाराष्ट्र के एक मंत्री शंभूराज देसाई ने बताया है कि उनके मंत्रियों के दौरों की जानकारी कर्नाटक सरकार को दी गई थी। कर्नाटक सरकार ने कहा था कि उनके मंत्रियों के आने से आपकी राज्य की कानून व्यवस्था खराब हो सकती है लेकिन दौरे को रद्द नहीं किया जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक,मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सरकार के दो मंत्री चंद्रकांत पाटिल और शंभूराज देसाई बेलगावी जाने वाले थे। देसाई ने इस दौरे को लेकर बताया है कि अब इसकी नई तारीख जल्द बताई जाएगी। ज्ञात हो, बेलगावी में ये दोनों मंत्री जाकर वहां के 850 गावों के मराठी भाषी गांवों के लोगों से बातचीत करेंगे, इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने बेलगावी के लिए एक खास पैकेज का ऐलान किया था।

सुप्रीम कोर्ट में लंबित है मामला

जानकारी दें, महाराष्ट्र सरकार ने सीमा विवाद के निपटारे के लिए एक समन्वय समिति बनाई थी, इसमें दोनों दौरे पर जाने वाले मंत्री शामिल हैं। महाराष्ट्र का दावा है कि मराठी भाषी क्षेत्र होने के नाते बेलगावी उसके अंतर्गत आना चाहिए जबकि कर्नाटक इसे अपना बताता है। दोनों राज्यों की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक जा चुकी है और मामला वहां लंबित है।

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