हिमाचल में कोविड प्रतिबंधों की वजह से सैलानियों की आमद में कमी आई

इंडिया न्यूज, शिमला:
कोरोना संक्रमण के चलते बाहर से आने वाले लोगों के आने की रफ्तार में पहले के मुकाबले काफी कमी आई है। राज्य सरकार ने जब से प्रदेश में कोरोना बंदिशों को लागू किया है। इसके तहत बाहर से आने वाले लोगों के लिए आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट लानी जरूरी की गई है। इसके अलावा कोविड वैक्सीन की डबल डोज का सर्टीफिकेट को भी जरूरी किया है। इसके चलते कम ही लोग प्रदेश का रुख कर रहे हैं। इससे प्रदेश में पर्यटन कारोबार को भी झटका लगा है। पहले जहां हर रोज एक से डेढ़ लाख लोग हिमाचल आ रहे थे, वहीं अब इनकी आमद घटकर प्रति दिन दो से तीन हजार के बीच रह गई है। गत दिनों तो इसमें और भी कमी आई है और यह एक हजार से भी कम दर्ज की गई है। इससे पर्यटन और इससे जुड़े कारोबारियों को फिर कारोबार की चिंता सताने लगी है। टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र सेठ ने कहा कि पहले प्राकृतिक आपदाओं के चलते सैलानियों के बुकिंग रद करने से होटल कारोबार को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। अब कोविड प्रतिबंध के चलते यह नुकसान हर दिन बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस ओर ध्यान देना होगा।
प्रदेश में बाहर से आने वाले लोगों की घट रही आमद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को मात्र 755 लोगों ने ही प्रदेश में आने के लिए अप्लाई किया। सरकार ने हिमाचल आने के लिए पंजीकरण का सिस्टम लागू किया है और इसमें पंजीकरण के बाद ही लोग हिमाचल की ओर रुख कर पाएंगे। इसमें बाकायदा यह साफ किया गया है कि व्यक्ति किस काम से आना चाहता है और कोविड वैक्सीन की डबल डोज का सर्टिफिकेट या फिर आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट अपलोड करना जरूरी है। इसके तहत सोमवार को शिमला और कांगड़ा जिला में सौ से ज्यादा लोगों के आवदेन आए, जबकि बाकी जिलों में 100 से कम लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया। बिलासपुर में 33, चंबा में 41, कांगड़ा में 170, किन्नौर में 2, कुल्लू में 93, लाहौल-स्पीति में 7, मंडी में 46, शिमला में 162, सिरमौर में 16, सोलन में 87 और ऊना में 63 लोगों ने हिमाचल आने के लिए आवेदन किया है।
उधर, पर्यटन विभाग के निदेशक अमित कश्यप ने कहा कि कोविड प्रतिबंधों की वजह से सैलानियों की आमद में कमी आई है। उन्होंने कहा कि कोविड काल से पहले भी बरसात के इस मौसम में सैलानियों की आमद कम ही रहती थी, कोविड के चलते इसमें कमी ज्यादा दर्ज की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवरात्रों और फेस्टिवल सीजन में सैलानियों की आमद बढ़ सकती है।

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