चर्चा में है मोहनीश का ‘फोर्थ डाइमेंशन ‘ 

इंडिया न्यूज
मोहनीश कल्याण एक प्रसिद्ध लेखक / निर्देशक हैं और मूलत: शिमला के रहने वाले हैं। उनका पालन-पोषण हिमाचल प्रदेश की ख़ूबसूरत वादियों में हुआ था। देवभूमि हिमाचल प्रदेश से अपनी स्कूली शिक्षा और स्नातक की पढ़ाई पूरी की। शिमला से चंडीगढ़ आ गये और फिर मुंबई का रास्ता लिया। मुंबई और चंडीगढ़ दोनों उनकी कर्मभूमि हैं। इन दिनों उनका नया उपन्यास ‘फोर्थ डाइमेंशन प्रत्यक्ष ‘चर्चा में है। मोहनीश कल्याण हिंदी फिल्म पेनल्टी, रनबीर और पृथीपाल सिंह के एसोसिएट डायरेक्टर थे। हिंदी फीचर फिल्म ‘पृथीपाल सिंह’ ने टोरंटो में ‘बेस्ट नैरेटिव फिल्म’ पुरस्कार और लॉस एंजिल्स में ‘सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म’ पुरस्कार सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्मों पर प्रशंसा हासिल की।  हिंदी की सात शार्ट फिल्में‌ भी वह बना चुके हैं। उनकी दो फिल्में ‘आउट ऑफ द ब्लू’ और ‘शामिल’ शीघ्र रिलीज होने वाली हैं। इनके लेखक और निर्देशक वह स्वयं हैं। पिछले 23 वर्षों में मोहनीश ने 90 से ज्यादा नाटक और दो हजार से ज्यादा नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया है। मुंबई में उनके संस्थान में अभिनय का प्रशिक्षण दिया जाता है। लगभग 15 हजार कलाकारों को वह प्रशिक्षित कर चुके हैं। मोहनीश का उपन्यास ‘फोर्थ डाइमेंशन’ कॉलेज जाने वाले असामान्य जीवन जीने वाले युवा बालक प्रत्यक्ष की मनोरंजक और दिलचस्प कहानी है। तंत्र की अच्छी जानकारी के साथ प्रत्यक्ष जब एक धूर्त तांत्रिक के सामने आता है तो पता चलता है कि उस तांत्रिक के साथ उसका पुराना दुश्मनी का रिश्ता है। श्मशान में रहने वाले लड़के की  कहानी असाधारण मोड़ लेती है और अंत में प्रत्यक्ष को उसकी पहचान को समझने में मदद करती है ।
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