राष्ट्रपति चुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व में हुई विपक्षी दलों की बैठक, फारूक और गोपाल गांधी का लिया नाम

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली: 
अगले महीने होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए पक्ष और विपक्ष रेस में उतर गया है। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 16 विपक्षी दलों के साथ दिल्ली में बैठक की। विपक्षी दलों की इस मीटिंग के कुछ ही घंटे बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहले बिहार के सीएम नीतीश कुमार और ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक से बात की। इसके बाद ही रक्षा मंत्री ने शरद पवार और मायावती से भी फोन पर बात की। देश में 18 जुलाई को राष्ट्रपति का चुनाव होना है।

दो घंटे तक चली विपक्षी दलों की बैठक

दिल्ली में ममता के नेतृत्व में विपक्षी दलों की मीटिंग हुई जो करीब दो घंटे तक चली। इस बैठक में ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर महात्मा गांधी के परपोते गोपाल गांधी और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला का नाम आगे किया है। इसके बाद शरद पवार ने कहा कि “हम नाम पर रायशुमारी कर रहे हैं।”

बैठक में असदुद्दीन ओवैसी को न्योता नहीं

इस बैठक में शिवसेना और कांग्रेस समेत 16 पार्टियां शामिल हुईं थीं। बैठक में सभी दलों की राय बनी कि पूरे विपक्ष का एक ही कैंडिडेट होगा। बैठक में आम आदमी पार्टी ने हिस्सा नहीं लिया था। वहीं, न्योता नहीं मिलने से हैदराबाद से AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी नाराज हो गए। शरद पावर ने मंगलवार को ही राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था।

विपक्षी दलों की इस बैठक में कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई (एम), सीपीआईएमएल, आरएसपी, शिवसेना, एनसीपी, राजद, एसपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, जद (एस), डीएमके, आरएलडी, आईयूएमएल और झामुमो के लीडर्स शामिल हुए।

कौन हैं गोपालकृष्ण गांधी?

गोपालकृष्ण गांधी महात्मा गांधी के परपोते हैं। उनका जन्म 22 अप्रैल को 1945 को हुआ। पिता का नाम देवदास गांधी है। सी राजगोपालचारी उनके नाना थे। गोपालकृष्ण गांधी ने दिल्ली के स्टीफन कॉलेज से अंग्रेजी में मास्टर की डिग्री पूरी की है। गोपाल गांधी 1968 से 1992 तक IAS अधिकारी के रूप में विदेशों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

रिटायर होने के बाद वे राजनीति में भी अपना हाथ आजमा चुके हैं। 2017 के उपराष्ट्रपति चुनाव में भी वे विपक्ष की ओर से उम्मीदवार थे, लेकिन चुनाव में एम वेंकैया नायडू से हार का सामना करना पड़ा था। साल 1997 में वे बंगाल के राज्यपाल भी रह चुके हैं।

ममता बनर्जी ने 22 नेताओं को लिखी थी चिट्‌ठी

इस बैठक के लिए ममता बनर्जी ने विपक्ष के 8 सीएम सहित 22 नेताओं को चिट्ठी लिखकर शामिल होने का अनुरोध किया था। इस बैठक में कांग्रेस ने भी हिस्सा लिया। कांग्रेस की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हुए।

ममता बनर्जी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केरल के सीएम पिनराई विजयन, ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, पंजाब के सीएम भगवंत मान और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी समेत 22 नेताओं को पत्र लिखा है।

24 जुलाई को खत्म होगा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल

देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है। इससे पहले 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग होनी है। 21 जुलाई को नतीजे आएंगे। संविधान के नियमों के अनुसार देश में मौजूदा राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने से पहले अगले राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए।

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