World Book Of Records में Kamakshi का नाम फिर दर्ज

इंडिया न्यूज, गाजियाबाद:
गाजियाबाद का नाम एक बार चर्चाओं में है। इसका कारण साइबर विशेषज्ञ कामाक्षी शर्मा है। इनका नाम साइबर क्राइम हल करने के शानदार रिकॉर्ड पर World Book Of Records में दर्ज हो गया। इसके चलते कामाक्षी को इंदौर में World Book Of Records लंदन के समारोह में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, बॉलीवुड गायक उदित नारायण व समीर रंजन ने अवार्ड से नवाजा। इसके बाद उनके परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।

पहले भी World Book Of Records में दर्ज

कामाक्षी को यह सम्मान मिलना वाजिब था। क्योंकि कामाक्षी शर्मा साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ने, छानबीन और 5000 से अधिक मामले हल किए हैं। इसके साथ ही कामाक्षी के नाम साइबर अपराध के लिए लोगों को जागरूक करने और 50 हजार पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित करने का वर्ल्ड बुक आॅफ रिकॉर्ड कामाक्षी शर्मा के नाम पहले से ही दर्ज है। उन्होंने साल 2019 में जम्मू कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक एक माह तक चलाए गए अभियान में बड़ी संख्या में आईपीएस अधिकारियों के साथ पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया। इसके साथ ही कामाक्षी को साइबर क्राइम के विषय की विशेषज्ञ होने के चलते उन्हें तमाम राज्यों की पुलिस साइबर से जुड़े अपराधों को शामिल करने में बुलाती है। कामाक्षी एक बहुत ही साधारण परिवार से है। उनके पिता रघु शर्मा दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। वहीं उनकी मां ममता शर्मा गृहिणी है।

अपराधियों के खिलाफ मिशन गति पकड़ेगा : Kamakshi

इस कार्यक्रम में साइबर विशेषज्ञ कामाक्षी शर्मा ने बताया कि विश्व में साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई, जांच और मामलों को हल करने में विश्व में पहला स्थान पाकर बहुत खुश हूं। World Book Of Records लंदन के पुरस्कार से उनकी साइबर अपराध और अपराधियों के खिलाफ लड़ने का मिशन और गति पकड़ेगा। गाजियाबाद की पुराने पंचवटी कॉलोनी की रहने वाली कामाक्षी शर्मा ने 12वीं तक की पढ़ाई गाजियाबाद और फिर बीटेक कंप्यूटर साइंस की डिग्री 2017 में गढ़वाल विश्वविद्यालय से हासिल की।

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