उदयपुर हत्याकांड से गहलोत के साथ कांग्रेस की भी बढ़ेंगी मुश्किलें, बीजेपी को ध्रुवीकरण का मिला बड़ा मुद्दा

अजीत मैंदोला, जयपुर:
उदयपुर कन्हैयालाल हत्याकांड ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिये बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। हालांकि गहलोत ने तुरन्त पूरे मामले की कमान अपने हाथ मे ले राज्य के हालात नही बिगड़ने दिये। स्थिति को काफी हद तक काबू करने में सफलता पाई। लेकिन राजनीतिक रूप से मुख्यमन्त्री गहलोत के लिये बड़ी चुनोती खड़ी हो गई। घटना के बाद बीजेपी नेताओं ने गहलोत पर तुष्टिकरण का आरोप लगा धुर्वीकरण की राजनीति जमकर शुरू कर दी। उदयपुर की घटना के तार भले ही आतंकवादी साजिश से जुड़ रहे हों, लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली के सवालों के घेरे में आने से विपक्ष को हमले का बड़ा मौका मिल गया। उदयपुर निर्शन्स हत्याकांड ने राजस्थान को ही नही पूरे देश को झकजोर कर रखा हुआ है। घटना के बाद कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से मुख्यमन्त्री गहलोत के पीछे खड़ी जरूर दिखी, लेकिन अल्पसंख्यकों वोटों के मोह के चलते ठीक से बचाव करने में नाकाम रही, उल्टा साम्प्रदायिक हिंसा के मामले को उठा बीजेपी को मुख्यमन्त्री गहलोत पर हमले का ओर मौका दे दिया।

सीएम गहलोत ने की राजनीति न करने की अपील

राजनीतिक जानकार कहते हैं कांग्रेस को केवल मोदी पर हमले नीति बदलनी होगी। बीजेपी अगर देश मे हिंदुत्व का एजेंडा चला रही है तो कांग्रेस क्यों नही अभी तक उसका विकल्प तलाश पाई है। राजस्थान में हुई कन्हैयालाल हत्याकांड की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने कड़ी निंदा करते हुये दोषियों के खिलाफ कड़ी करवाई की मांग की। लेकिन बाद में प्रवक्ताओं ने मोदी सरकार पर आरोप लगा सांप्रदायिक हिंसा का राग अलापना शुरू कर दिया। बीजेपी को मौका मिल गया। जबकि मुख्यमन्त्री गहलोत घटना के बाद लगातार अपील कर रहे हैं कि उदयपुर की घटना पर राजनीति न हो, लेकिन उसके बाद भी दोनो तरफ से जमकर राजनीति शुरू हो गई। बीजेपी को बैठे बिठाए मुख्यमन्त्री गहलोत के खिलाफ बड़ा मुद्दा मिल गया। पौने चार साल में बीजेपी पहली बार गहलोत के खिलाफ किसी मुद्दे को लेकर आक्रमक हुई। अभी तक के कार्यकाल में गहलोत के खिलाफ निजी तौर पर किसी प्रकार का नकारात्मक माहौल नही था। लेकिन उदयपुर की घटना ने संकट खड़ा कर दिया।

बीजेपी का हर बड़ा नेता सीएम गहलोत को कर रहा टारगेट

गहलोत के लोकप्रिय फैसलों पर कन्हैयालाल हत्याकांड भारी पड़ सकता है। उसकी कई वजह हैं। एक तो कांग्रेस मार्केटिंग के मामले में बहुत कमजोर है। आपसी खींचतान में उलझी कांग्रेस के नेता अपनी सरकार की उपलब्धियों का कम ही बखान करते है। जबकि दूसरी तरफ बीजेपी के पास कई ऐसे अग्रिम सन्गठन हैं जिन्होंने उदयपुर के मामले के लिये मुख्यमंत्री गहलोत को जिम्मेदार बता बहुसंख्यकों के बीच सोशल मीडिया में अभी से प्रचार शुरू कर दिया। बाजार में सोशल मीडिया में ऐसे वीडियो आने लगे हैं जिसमें महिलाओं बच्चों को एकत्रित कर मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कराई जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत बीजेपी का हर बड़ा नेता मुख्यमन्त्री गहलोत को ही टारगेट कर रहा है।

कांग्रेस सीएम गहलोत के बचाव की स्थिति में नहीं

प्रदेश अध्य्क्ष सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ वरिष्ठ नेता ओम माथुर सहित अन्य प्रदेशों के बीजेपी नेताओं ने भी रणनीति के तहत ही गहलोत को निशाने पर ले रहे हैं। कांग्रेस अपने सीएम का बचाव करने की स्थिति में दिख नही रही है। मुख्यमंत्री गहलोत खुद ही अपने तरीके से मामले को हेंडिल कर रहे हैं। पीड़ित के परिवार को मुहावज़ा, एक व्यक्ति को नोकरी देने के साथ जिम्मेदार पुलिस अफसरों पर कार्रवाई कर कड़े कदम उठाये जरूर हैं, लेकिन माहौल जिस तरह साम्प्रदायिक रंग ले रहा उसने को कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि कांग्रेस इस तरह के मामले को चाह कर भी साम्प्रदायिक बनाम धर्मनिरपेक्षता का मुद्दा नही बना सकती है। जनता में नाराजगी की कई वजह हैं। पहली बड़ी वजह कन्हैया के खिलाफ मुस्लिम समुदाय ने शिकायत की तो पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। लेकिन कन्हैया की शिकायत को पुलिस ने हल्के में लिया और उसे सुरक्षा नही दी। दूसरी बात इसके बाद भी पुलिस कर्मियों को प्रमोशन क्यों दिया गया। अहम बात जो आम जन के बीच गुस्सा बढ़ा रही है, वह है कि अपराधियों को जिंदा क्यों पकड़ा गया।

गृहमंत्री अमित शाह से मिलेंगे सीएम गहलोत

खैर मुख्यमन्त्री गहलोत अपनी तरफ से इसी बात पर जोर दे रहे केंद्रीय जांच एजेसी एनआईए मामले की जांच जल्द पूरी कर दोषियों के खिलाफ को सजा दिलवाए। इसके लिये वह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मिलेंगे। शुरुआती जांच में जो बातें निकल कर सामने आ रही हैं उससे लगता नही है कि जांच जल्दी पूरी होगी। यही कांग्रेस की परेशानी बढ़ाने वाला है। क्योंकि बीजेपी इस एजेंडे को राजस्थान के साथ साथ हर चुनाव वाले प्रदेशों में निश्चित तौर पर मुद्दा बना कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाएगी।

ये भी पढ़े : चीफ जस्टिस एनवी रमण बोले-लोकतंत्र में न्यायपालिका की भूमिका को नहीं समझ रहे लोग

ये भी पढ़े : कोर्ट ने टेलर कन्हैयालाल के हत्यारोपियों को 10 दिन के रिमांड के लिए NIA को सौंपा, पेशी के दौरान भड़के वकीलों ने कर दी पिटाई

ये भी पढ़े :  देश के हर हिस्से में जल्द सक्रिय होगा मानसून, पंजाब में 6 तक भारी बारिश

हमें Google News पर फॉलो करे- क्लिक करे !

Connect With Us : Twitter | Facebook Youtube

Latest news
Related news