बर्बरता का जश्न मनाना खतरनाक : नसीरुद्दीन शाह

तालिबान की जीत का जश्न मना रहे भारतीय मुस्लिमों पर फिल्म अभिनेता सख्त
इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:
जब से अफगानिस्तान में तालिबान ने कब्जा किया है, तब से उन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान भी खींचा हुआ है। सभी लोग 20 साल पहले की उनकी क्रूरता से भली-भांति परिचित भी हैं। इसके बावजूद भारत में कुछ लोग तालिबान की जीत का जश्न भी मना रहे हैं। ऐसे लोगों को नसीरूद्दीन शाह ने माकूल जवाब दिया है।
नसीरुद्दीन ने वीडियो जारी कर भारत के उन मुस्लिमों को खरी-खोटी सुनाई है जो तालिबान राज से काफी खुश है। उन्होंने कहा कि बेशक अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है लेकिन भारतीय मुसलमानों के एक तबके का इस बर्बरता का जश्न मानना भी कम खतरनाक नहीं है।
ऐसे लोगों को खुद से पूछना चाहिए कि उन्हें अपने मजहब में सुधार और आधुनिकता चाहिए या वे पहले की तरह सदियों से चला आ रहा वहशीपन चाहते हैं और जैसा कि मिर्जा गालिब ने एक अरसा पहले कहा था, मेरे भगवान के साथ मेरा रिश्ता अनौपचारिक है। मुझे सियासी मजहब की जरूरत नहीं है।’
उन्होंने कहा कि मैं हिंदुस्तानी मुसलमान हूं, मुझे सियासी मजहब की जरूरत नहीं है। हिंदुस्तान का इस्लाम दुनियाभर के इस्लाम से अलग रहा है और खुदा वो वक्त न लाए कि वो इतना बदल जाए कि हम उसे पहचान भी न सकें।

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