Bangalore Special Court Orders : येदियुरप्पा के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज करने के आदेश

Bangalore Special Court Orders

इंडिया न्यूज, बेंगलुरु:

Bangalore Special Court Orders कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं। दरअसल बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने उनके खिलाफ एक पुराने मामले में भ्रष्टाचार का केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। विशेष न्यायाधीश बी जयंत कुमार ने अधिकारियों को पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत दंडनीय अपराधों के लिए एक विशेष आपराधिक केस दर्ज करने का आदेश दिया है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा

वर्ष 2006 का है मामला, ये हैं आरोप

येदियुरप्पा के खिलाफ मामला वर्ष 2006 का है। उस समय येदियुरप्पा बीजेपी-जेडीएस सरकार में उप मुख्यमंत्री। उस समय बेंगलुरु में 434 एकड़ जमीन का आईटी पार्क के नाम पर अधिग्रहण किया गया था। उस दौरान आरोप लगे थे कि येदियुरप्पा ने अवैध तरीके से इस जमीन को डिनोटिफाई किया, जिससे न सिर्फ जमीन के असली मालिक बल्कि सरकार को भी तगड़ा नुकसान हुआ। इस मामले में में लोकायुक्त पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट फाइल की थी, जिसे विशेष अदालत ने खारिज कर दिया था। अब अदालत ने मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

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2013 में दर्ज करवाई गई थी शिकायत

वासुदेव रेड्डी नाम के व्यक्ति ने साल 2013 में कर्नाटक लोकायुक्त में इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई थी। येदियुरप्पा पर यह भी आरोप है कि दूसरी प्राइवेट पार्टियों के हाथों में पार्क का दे दिया गया जिस कारण जमीन के असली मालिक के साथ राज्य सरकार को भी खासा नुकसान हुआ। लोकायुक्त पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके फरवरी 2015 में जांच शुरू की थी।

लोकायुक्त पुलिस ने बीते वर्ष जनवरी में दायर की थी क्लोजर रिपोर्ट

येदियुरप्पा ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में दलील दी कि मामले के एक आरोपी पूर्व उद्योग मंत्री आरवी देशपांडे के खिलाफ उच्च न्यायालय केस खारिज कर चुका है, ऐसे में उनके खिलाफ भी केस खारिज होना चाहिए। पर हाईकोर्ट ने केस खारिज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद कई वर्ष तक लोकायुक्त पुलिस ने जांच के बाद बीते वर्ष जनवरी में क्लोजर रिपोर्ट फाइल कर कहा कि येदियुरप्पा को जमीन नोटिफाई करने की एवज में कोई पेमेंट या किसी तरह का फायदा नहीं मिला था। यह भी कहा कि इस मामले में आगे केस चलाने के लिए कोई सबूत उपलब्ध हैं। ऐसे में केस को बंद कर दिया जाना चाहिए।

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