जाने राजू श्रीवास्तव से कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव बनने तक का पूरा सफर

मुंबई शहर में अपने सपनों को पंख लगाने हर साल नजाने कितने लोग आते हैं । उसी में से कुछ लोंगो को जल्दी कामयाबी मिल जाती है तो कुछ लोगो को थोड़ा भटकना पड़ता है। तो वहीं कुछ लोग हार के वापस चले जाते हैं। लेकिन उन्हीं में से कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें हार को जीत में बदलना आता है वो हर नाकामी को कामयाबी में बदलने का हुनर रखते हैं । इन्ही में से एक थे कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव। बता दें राजू श्रीवास्तव का 58 साल की उम्र में निधन हो गया। ऐसे में आज हम राजू के जीवन के उन बातों से रूबरू कराने जा रहे हैं जिसे शायद आप नहीं जानते होंगे।

 

 

कौन थे राजू श्रीवास्तव

राजू श्रीवास्तव देश के सबसे पॉपुलर और पसंदीदा कॉमेडियन में से एक थे। कभी इन्होंने रियलिटी शो में बेहतरीन परफॉर्मेंस देकर लोगों को गुदगुदाया, तो कहीं फिल्मों के जरिए लोगों को मनोरंजन किया। बता दें लोग राजू के कॉमेडी को खूब पसंद करते थें और शायद करते रहेंगे।

 

कानपुर की एक मिडिल क्लास फैमिली से नाता रखते थें राजू

राजू श्रीवास्तव का जन्म कानपुर की एक मिडिल क्लास फैमिली में हुआ था। बचपन में इन्हें सत्य प्रकाश नाम से पूकारा जाता था। इनके पिता का नाम रमेश चंद्र श्रीवास्तव था जो एकस रकारी कर्मचारी थे और शौकिया तौर पर कविताएं लिखा करते थे। इतना ही नहीं उनके पिताछुट्टियों में पिता कवि सम्मेलन का हिस्सा बना करते थे, जिन्हें बलाई काका नाम से पहचाना जाता था।

इस वजह से एक्टर बनना चाहते थे राजू

राजू के पिता का कविताओं का शौक ये बताता है कि राजू को मनोरंजन करने की प्रारंभीक प्रेरणा अपने पिता से ही मिली। बता दें बच्चपन में राजू सबका मिमिक्री करते थें। इतना हीं नहीं राजू अपने स्कूल के दिनों में अपने टिचर की नकल भी उतारते थे। ऐसे में कई टिचर उन्हें बदतमीज बाताते तो उसी में किसी टिचर ने राजू के इस हुनर को पहचाना और उन्हें सपोर्ट भी किया। लोगों ने राजू को लोकल क्रिकेट मैच में कमेंट्री करने की सलाह दी। इससे ये अपने हुनर को कॉन्फिडेंट के साथ लोगों के सामने पेश करने लगे। बता दें असल में राजू की प्रेरणा अमिताभ बच्चन थे। बिग बी की फिल्म दीवार देखने के बाद राजू ने एक्टर बनने का फैसला किया।

 

सपनों को पंख लगाने के लिए राजू को करना पड़ा था ये काम

बता दें अपने सपनों को हक्कीत में बदलने के लिए राजू 1982 में लखनऊ छोड़कर सपनों के शहर मुंबई चले आए। यहां आने के बाद जब राजू के पैसे खत्म होने लगे तो उन्होंने ऑटो चलाना शुरू किया। इसी दौरान एक दिन एक सवारी ने राजू के स्टाइल से इंप्रेस होकर उन्हें स्टेज परफॉर्मेंस देने को कहा। राजू मान गए और परफॉर्मेंस दी, जिसके लिए सिर्फ 50 रुपए मिले थे। इसके बाद राजू लगातार स्टेज शो करने लगे। स्टेज शो करते हुए इंडस्ट्री के लोगों से जान-पहचान बढ़ी तो इन्हें फिल्मों में छोटे-मोटे रोल भी मिलने लगे। राजू पहली बार 1988 की फिल्म तेजाब में नजर आए। आगे उन्होंने करीब 19 फिल्मों में काम किया।

 

राजू के कॉमेडियन बनने का सफर

राजू श्रीवास्तव सबसे पहले साल 1994 के शो टी टाइम मनोरंजन में नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज के पहले सीजन में पार्टिसिपेट किया। इस शो में राजू ने तीसरा स्थान हासिल किया, जिससे इन्हें देशभर में पहचान मिल गई। इसके बाद राजू कॉमेडी का महा मुकाबला, कॉमेडी सर्कस, देख भाई देख, लाफ इंडिया लाफ, कॉमेडी नाइट विद कपिल, द कपिल शर्मा शो और गैंग्स ऑफ हसीपुर जैसे शोज का हिस्सा रहे।

 

 

 

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