सदाबहार बगिया के लिए सही पौधों का करें चयन, जानिए कैसे ?

इंडिया न्यूज (Gardening)
आज के समय में किसे हरियाली पसंद नहीं होती है। हरे-भरे लहलहाते पेड़-पौधे जहां तन और मन को फ्रेशनेस से भर देते हैं। वहीं हवा को साफ कर वातावरण को शुद्ध बनाते हैं। यही वजह है कि कई लोग मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में रहने के बावजूद टैरेस एरिया को गार्डन की तरह सजाते हैं। वहीं कुछ लोग फार्म हाउस बनवाना भी पसंद करते हैं। ज्यादातर पेड़-पौधे बारिश के मौसम में ही लगाए जाते हैं। क्योंकि इस मौसम में ही पौधों की बढ़त होती है। लेकिन कुछ पौधे ऐसे होते हैं जो हर मौसम में लगाए जा सकते हैं बल्कि सालभर उनमें फूल भी आते रहते हैं। और इन्हें ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती। तो चलिए जातने हैं वो कौन से पौधे हैं जो सालभर तक लगाए जा सकते हैं। इन्हें लगाने का तरीका क्या।

सही पौधों का चुनाव

सदाबहार बगिया के लिए सही पौधों का चयन सबसे जरूरी है। बोगनवेलिया, गुड़हल, चमेली, अपराजिता, रातरानी, सदाबहार, अडेनियम और गुलाब कुछ ऐसे ही पौधे हैं जिन्हें एक बार लगाने पर कई साल तक ये हरे-भरे रहकर अपनी महक बिखेरते रहते हैं। इन पौधों की खासियत ये है कि ये सालभर में किसी भी समय लगाए जा सकते हैं। इनकी मदद से आप अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद बागवानी के शौक को आसानी से पूरा कर सकते हैं।

गुड़हल: इस पौधे में सफेद, पीले, लाल और गुलाबी रंग के फूल लगते हैं। सालभर खिलने के कारण ज्यादातर घरों में बहुत पसंद किया जाता है। बीज के अलावा कटिंग की मदद से यह सरलता से लगाया जा सकता है। यह गमले में भी आसानी से लग जाता है और जमीन में भी खूब फलता-फूलता है।

चमेली: चमेली के पौधे को ज्यादातर कलम काटकर लगाया जाता है। इसके फूल सफेद रंग के होते हैं पर कुछ किस्में पीले, नीले व गुलाबी रंग के फूल की भी होती हैं। इसी तरह रातरानी, ड्रेसीना, ट्रंपेट जैसे पौधों को भी कलम की मदद से लगाकर सदाबहार हरियाली का आनंद उठा सकते हैं।

सदासुहागन: यह बारहमासी फूल है। इसे अधिक पानी की जरूरत नहीं पड़ती है। इसमें नीले, बैंगनी, सफेद रंग के फूल होते हैं। इस पौधे को बीज और कटिंग दोनों तरह से उगाया जा सकता है। इसके छोटे पौधे में भी फूल जल्दी आते हैं और इसको अधिक देखभाल की आवश्यकता भी नहीं पड़ती।

अपराजिता: तेजी से बढ़ने वाली अपराजिता बेल या विष्णुकांता का पौधा सालभर चलने वाला पौधा है। इसे बीज और कलम दोनों की मदद से गमले या जमीन में लगाया जा सकता है। इसमें नीले और सफेद रंग के फूल खिलते हैं। हल्की धूप और रोशनी में ये फूल घर के अंदर भी खिल सकते हैं।

बोगनवेलिया: यह पूरे साल बगिया की शोभा बढ़ाता है। बोगनवेलिया सफेद, गुलाबी, पीले सहित कई रंगों में मौजूद रहता है। यह एक सदाबहार पौधा है, जो खुली हवा और गर्म-शुष्क जलवायु पसंद करता है। नर्सरी से इसका तैयार पौधा खरीदकर या फिर कलम की मदद से भी इसे लगाया जा सकता है।

पौधे लगाने का सही तरीका क्या?

  • 50 फीसदी बागीचे की सामान्य मिट्टी में 40 प्रतिशत गोबर की खाद और 10 प्रतिशत रेत या कोकोपिट के अनुपात में मिश्रण तैयार करें। पौधों के लिए मिट्टी के गमले सबसे अच्छे होते हैं। आप सुविधानुसार अन्य तरह के गमले और पुराने कंटेनर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
  • गमले में मिट्टी भरने से पहले सुनिश्चित कर लें कि उसके तले में पानी निकालने के लिए पर्याप्त सुराख हो। पौधे लगाने के बाद गमलों को ऊपर से करीब एक-तिहाई खाली रखें ताकि पानी डालने पर मिट्टी और खाद बहकर बाहर न निकले।

देखभाल का तरीका क्या?

  • पौधे लगाने के बाद शुरू के 10-15 दिन पौधों का ज्यादा ख़्याल रखना पड़ता है। लेकिन जब एक बार पौधे विकसित होने लगें, तो आप निश्चिंत हो सकते हैं। पौधों के लिए धूप जरूरी होती है, इनडोर पौधों को भी थोड़ी देर के लिए धूप दिखानी चाहिए। गर्मियों में पौधों को कड़क धूप से बचाने के लिए नेट लगा सकते हैं। ज्यादा पानी देने से जड़ों में गलन होने लगती है। इसलिए जब मिट्टी सूखने लगे, तभी पानी डालें।
  • मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इसमें ऑर्गेनिक खाद डालते रहें। पौधे अधिकतर पोषक तत्व मिट्टी से ही लेते हैं। ऐसे में अगर बगिया या गमले की मिट्टी अच्छी नहीं होगी, तो पौधों में बीमारी या कीड़े लग सकते हैं। गमलों या क्यारियों की मिट्टी को हवा और पानी अच्छी तरह मिलता रहे, इसके लिए पौधों की गुड़ाई करना जरूरी है। गमलों की मिट्टी में उंगली गाड़कर देखें। अगर मिट्टी बहुत सख़्त है तो गुड़ाई करें।
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