तालिबान के लिए आसान नहीं सत्ता की डगर, गृह युद्ध के आसार

इंडिया न्यूज, वाशिंगटन :

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के करीब 20 दिन बाद भी वहां हालात सुधरे नहीं हैं। एक और देश की पंजशीर घाटी में तालिबान और रेजिस्टेंस फोर्सेज के बीच जंग चल रही है, वहीं दूसरी ओर तालिबान ने रविवार को भी अपनी सरकार की घोषणा नहीं की। इस बीच अमेरिका के जनरल मार्क मिले ने चेताया है कि जो हालात हैं उसे देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि जल्द ही यहां पर सिविल वॉर जैसी स्थिति बन जाएगी। इससे भी खतरनाक बात यह है कि इससे अलकायदा और इस्लामिक स्टेट (आईएस) को फिर से पनपने का मौका मिलेगा। मिले फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में यह जानकारी दी। बता दें कि तालिबान ने अफगान फोर्सेज को पूरे अफगानिस्तान में आसानी से शिकस्त दे दी है। उन्होंने एक के बाद एक विभिन्न प्रांतों पर कब्जा कर लिया है, लेकिन पंजशीर घाटी में तालिबान को जबर्दस्त संघर्ष करना पड़ रहा है। यहां पर अहमद मसूद और पूर्व अफगान उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह के नेतृत्व में रेजिस्टेंस फोर्सेज तालिबान लड़ाकों को कड़ी टक्कर दे रही है। वहीं हक्कानी और तालिबान में भी मतभेदों की खबरें आ रही हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि तालिबान के लिए सत्ता की राह इतनी आसान नहीं होगी। रिपोटोँ में दावा किया गया है कि पंजशीर में करीब 600 तालिबान लड़ाके मारे जा चुके हैं। वहीं 1000 से ज्यादा तालिबान लड़ाकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह तब हो रहा है, जबकि तालिबान ने घोषणा की थी कि वह पंजशीर पर कब्जा कर चुका है। वहीं अल जजीरा ने तालिबान के एक अंदररूनी सूत्र के हवाले से कहा है कि यहां पर लड़ाई चल रही है। लेकिन राजधानी बजारक और प्रांत के गवर्नर के आवास के रास्ते में लैंडमाइंस बिछी होने से तालिबान के लिए आगे बढ़ना बहुत मुश्किल हो रहा है।

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