जिस ‘ईसाई हेकनक्रेज’ को पश्चिमी मीडिया ‘हिन्दू स्वस्तिक’ बता फैलाती रही है प्रोपगेंडा, नाजियों के उस हुक्ड क्रॉस को शेयर करने पर किम कार्दशियन के पूर्व पति का ट्विटर हैंडल सस्पेंड

इंडिया न्यूज़ (दिल्ली) : अमेरिकी रैपर कान्ये वेस्ट एक बार फिर विवादों में फँस गए हैं। जानकारी दें, कान्ये ने ईसाई हेकनक्रेज की तस्वीर शेयर करते हुए जर्मनी के तानाशाह हिटलर की तारीफ़ की थी, जिसके बाद ट्विटर पर उनका हैंडल ही सस्पेंड कर दिया गया। कान्ये वेस्ट के बारे में आपको जानकारी दें, वो अमेरिकी मॉडल और कारोबारी किम कार्दशियन के पूर्व पति हैं। किम कार्दशियन अकसर अपने कपड़ों की वजह से चर्चा में रहती हैं और इन दोनों के तलाक का मुद्दा मीडिया में काफी दिनों तक गर्म रहा था।

जानकारी दें, कान्ये द्वारा हुक्ड क्रॉस शेयर करने पर लोगों ने फिर से एक ईसाई प्रतीक हेकनक्रेज को हिन्दू स्वस्तिक बताना शुरू कर दिया है, जबकि दोनों बिलकुल अलग हैं। हिन्दू स्वस्तिक शुभ-लाभ का प्रतीक है, जबकि हेकनक्रेज हिटलर के रक्तपात का। ‘Meidas Touch’ नामक संस्था ने हेकनक्रेज को स्वस्तिक बताते हुए लिखा कि ये घृणित और खतरनाक है। उसने कहा कि ये यहूदियों के नरसंहार का प्रतीक है। लोगों ने संस्था को समझाया कि कान्ये वेस्ट ने जो शेयर किया था वो हेकनक्रेज है, स्वस्तिक नहीं।

 हेकनक्रेज और स्वस्तिक को एक बताना प्रोपगेंडा

लेखक आभास ने समझाया कि कैसे हिटलर जब 19वीं सदी में ऑस्ट्रिया के लांबच स्थित ‘बेनेडिक्टिन मोनेस्ट्री’ में पढ़ता था, तब उसने रोज इस ईसाई प्रतीक को देखा था। साथ ही उन्होंने चर्च के भीतर से एक चिह्न की तस्वीर भी शेयर की। अमेरिका की राजनीतिक विश्लेषक लिंडी ली ने भी दावा किया कि कान्ये वेस्ट ने स्वस्तिक की तस्वीर साझा की है। इससे लाखों लोगों के बीच ये सन्देश जा रहा है कि स्वस्तिक और हेकनक्रेज एक ही हैं।

वहीँ, एडम कींजिंगर नामक यूजर ने दावा कर दिया कि जब ट्विटर पर स्वस्तिक ट्रेंड हो रहा है तो एक देश के रूप में हमें आत्म-विश्लेषण करने की ज़रूरत है। बता दें कि ट्विटर पर 1 लाख से भी अधिक बार ट्वीट किया जा चुका है। शर्मिंदगी ईसाई हेकनक्रेज के ट्रेंड होने पर होनी चाहिए, स्वस्तिक पर नहीं। ट्विटर को हाल में खरीदने वाले एलन मस्क ने भी कहा है कि कान्ये वेस्ट ने नियमों का उल्लंघन किया, जिसके बाद उनका हैंडल निलंबित किया गया।

पश्चिमी मीडिया हेकनक्रेज और स्वस्तिक को एक बताकर करती है गुमराह

जानकारी दें, पश्चिमी मीडिया नाजियों के ‘हुक्ड क्रॉस’ को हिंदू धर्म के शुभ प्रतीक ‘स्वस्तिक’ बताकर प्रोपेगेंडा फैलाती रही हैं। जिसके परिणामस्वरूप विश्व भर में हिंदुओं के खिलाफ और उनके धर्मस्थलों पर हमले बढ़ रहे हैं। ज्ञात हो, कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन में हिंदुओं पर हमले हाल के दिनों में कई गुना बढ़े हैं। इन हमलों को लेकर भारत सरकार को विदेशों में रहने वाले हिंदुओं को लेकर चेतावनी जारी करनी पड़ी थी। आपको बता दें, कैलिफोर्निया के एक विधेयक में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ‘स्वस्तिक’ हिटलर के हेकनक्रेज जैसा दिखता है, लेकिन यह प्रतीक हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म से जुड़े अपराधीकरण को प्रदर्शित नहीं करता।

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