चीन-ताइवान संकट के बीच भारत ने की शांति की अपील

अरिंदम बागची ने चीन से रिश्ते पर कहा की हमने रिश्ते में आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और हितों को बनाए रखा है.

इंडिया न्यूज़ (दिल्ली): चीन-ताइवान संकट के बीच भारत ने शांति बनाएं रखने की अपील की है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा की “कई अन्य देशों की तरह, भारत भी हाल के घटनाक्रमों से चिंतित है। हम संयम बरतने, यथास्थिति को बदलने के लिए एकतरफा कार्रवाई से बचने, तनाव को कम करने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों का आग्रह करते हैं”

एक चीन नीति पर पूछे जाने पर अरिंदम बागची ने कहा की भारत की प्रासंगिक नीतियां सर्वविदित और सुसंगत हैं और उन्हें दोहराने की आवश्यकता नहीं है.

चीन ने अमेरिकी हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी की दो अगस्त को हुई ताइवान यात्रा का विरोध किया था और अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। पेलोसी की यात्रा के बाद चीन ने बड़े पैमाने पर ताइवान स्ट्रेट में युद्ध अभ्यास शुरू कर दिया था.

चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक चीन की सेना के पूर्वी थिएटर कमांड ने कहा कि उसने ताइवान के आसपास हाल के अभ्यासों के दौरान विभिन्न मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा किया है और सैनिकों की युद्ध क्षमता का प्रभावी ढंग से परीक्षण किया है.

मंगलवार को ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने कहा था की चीन ने ताइवान स्ट्रेट के जल और हवाई क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की परिवहन की स्वतंत्रता को प्रभावित करने और आक्रमण की तैयारी के लिए सैन्य अभ्यास का इस्तेमाल किया है.

अरिंदम बागची ने चीन से रिश्तो पर पूछे जाने पर कहा की “भारत और चीन के संदर्भ में, हमने संबंधों के विकास के आधार के रूप में आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित की आवश्यकता को लगातार बनाए रखा है”

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