Garuda Purana: जाने कब पढ़ना चाहिए गरुड़ पुराण और क्या है इसका महत्व

हिन्दू धर्म के अनुसार किसी परिजन की मृत्यु पश्चात 13 दिनों तक गरुण पुराण का पाठ सुनने का विधान है, माना जाता है की इस दौरान गरुण पुराण का पाठ मृतक भी सुनते हैं, क्योंकि उनकी आत्मा 13 दिनों तक घर पर ही रहती है ऐसे में उनकी आत्मा को सांसारिक मोह का त्याग कर मोक्ष प्राप्त करने में आसानी होती है।

किसे और कब पढ़ना चाहिए गरुड़ पुराण

हिंदू धर्म में घर में किसी की मृत्यु के पश्चात गरुड़ पुराण का पाठ कराया जाता है मान्यता है कि घर पर 13 दिनों तक गरुड़ पुराण का पाठ कराने से मृतक की आत्मा को शांति प्राप्त होती है किंतु गरुड़ पुराण पाठ किसी परिजन की मृत्यु के पहले या कभी भी पढ़ा जा सकता है जो व्यक्ति इसे पढ़ने की इच्छा रखता है वह इसे कभी भी पढ़ सकता है।इसका पाठ करने से मनुष्य को इस चीज का ज्ञात होता है की कौन सा रास्ता धर्म और कौन अधर्म का।

क्या है गरुड़ पुराण का महत्व?

गरुड़ पुराण हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है यह 18 महापुराणों में एक है गरुड़ पुराण में 19 हजार श्लोक हैं, जिसके सात हजार श्लोक में जीवन से जुड़ी बातों को बताया गया है इसमें ज्ञान, धर्म, नीति, रहस्य, आत्मा, स्वर्ग और नरक का वर्णन मिलता है। गरुड़ पुराण पढ़ने से व्यक्ति को कौन सा रास्ता धर्म का है और कौन अधर्म का इसका ज्ञात होता है।

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