जानिए क्या होती है एक्टोपिक प्रेगनेंसी, इसके लक्षण और इलाज

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली :

जब फर्टिलाइज एग गर्भाशय से जाकर जुड़ जाता है, तब प्रेगनेंसी का कन्फर्मेशन किया जाता है। लेकिन कई बार फर्टिलाइज एग गर्भाशय की बजाय फैलोपियन ट्यूब में चला जाता है तो इसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी या अस्थानिक गर्भावस्था कहा जाता है। अस्थानिक गर्भावस्था के कुछ मामलों में फर्टिलाइज एग एब्डोमिनल कैविटी या गर्भाशय ग्रीवा में जाने के भी सामने आते हैं। हालांकि एक्टोपिक प्रेगनेंसी की समस्या 50 में से किसी एक महिला को होती है। समय रहते इसका उपचार बहुत जरूरी होता है वरना मेडिकल इमरजेंसी की कंडीशन पैदा हो सकती है क्योंकि फर्टिलाइज अंडा गर्भाशय के अलावा किसी भी अन्य स्थान पर ठीक से विकसित नहीं हो सकता। जानिए एक्टोपिक प्रेगनेंसी से जुड़ी जरूरी बातें।

इन लक्षणों को इग्नोर न करें

एक्टोपिक प्रेगनेंसी में सबसे ज्यादा मामले ट्यूबल प्रेगनेंसी के सामने आते हैं। इसमें फर्टिलाइज एग गर्भाशय तक पहुंच ही नहीं पाता और रास्ते में ट्यूब में ही फंस जाता है। अगर आप प्रेगनेंसी प्लान कर रहे हैं, तो यहां बताए जा रहे एक्टोपिक प्रेगनेंसी के लक्षणों को इग्नोर करने की गलती न करें क्योंकि एक्टोपिक प्रेगनेंसी में फैलोपियन ट्यूब फटने का भी रिस्क रहता है। आमतौर पर इसके लक्षणों में पेट खराब होना, उल्टी, हल्की ब्लीडिंग या तेज ब्लीडिंग, पेल्विक हिस्से में दर्द, पेट में तेज ऐंठन, चक्कर आना या कमजोरी, बेहोशी, कंधे, गर्दन या गुदा में दर्द या फिर शरीर के एक हिस्से में दर्द हो सकता है।

ये हैं संभावित कारण

  • फैलोपियन ट्यूब के सूजन
  • किसी कारण से ट्यूब का क्षतिग्रस्त होना
  • फर्टिलाइज एग के असामान्य विकास
  • हार्मोन असंतुलन
  • पेल्विक इंफ्लामेट्री डिजीज
  • 35 के बाद प्रेगनेंसी
  • पेल्विक सर्जरी के कारण स्कार टिश्यू बनना
  • फर्टिलिटी दवाओं के सेवन या आईवीएफ

ये है इलाज

आमतौर पर इस समस्या को कन्फर्म करने के लिए अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। इसके बाद सर्जरी या दवा की मदद से एग को बाहर निकाला जाता है। हालांकि इसमें गर्भावस्था जारी नहीं रह पाती। यदि एक्टोपिक प्रेगनेंसी के दौरान फैलोपियन ट्यूब क्षतिग्रस्त हो जाए तो ट्यूब को भी निकालना पड़ सकता है। वहीं अगर ब्लीडिंग तेज हो तो विशेषज्ञ इमरजेंसी में बड़ा कट लगाकर सर्जरी करने का फैसला ले सकते हैं।

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