हरियाणा में हर तीसरे दिन अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत लेते धरे जा रहे, रिश्वत मांगने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ टोल फ्री नंबर पर शिकायते दें

डॉ रविंद्र मलिक, चंडीगढ़:
हरियाणा में ऐसा लग रहा है कि कर्मचारियों व अधिकारियों में नियमों को ताक पर रखने की होड़ लगी है। स्थिति ये है सरकारी मुलाजिम धड़ल्ले से रिश्वत ले रहे हैं। बेहतरीन सैलरी पैकेज होने के बावजूद भी वो 500 रूपए तक में दीन ईमान ताक पर रख रहे हैं। इस साल के आंकड़ों की मानें तो अधिकारी व कर्मचारी ने 500 रूपए से लेकर 5 लाख तक की रिश्वत ली है। अगर पीड़ित लोगों ने रिश्वत देने से मना कर दिया तो फिर उनके काम में रोड़े अटका दिए जाते हैं। हालांकि सरकार व विजिलेंस विभाग ने साफ कर रखा है कि काम की एवज में रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों व कर्मचारी की शिकायत करें लेकिन बावजूद इसके स्थिति में कोई ज्यादा सुधार नहीं है। हालात ये है कि आम आदमी सरकारी दफ्तरों में दिन भर खाक छानता फिर रहा है और रिश्वत नहीं देने पर भाग दौड़ इतनी बढ़ जाती है कि उसके काम की फाइल या तो दब जाती है या फिर उसको मजबूरन रिश्वतखोर सरकारी मुलाजिमों के आगे घुटने टेकने पड़ते हैं।

हर तीसरे दिन से भी कम समय में रिश्वत लेते अधिकारी व कर्मचारी धरे जा रहे

ब्यूरो द्वारा इस वर्ष के दौरान अब तक 50000 रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक की रिश्वत लेते हुए कई उच्च पदस्थ अधिकारियों सहित 66 सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को रंगे हाथों काबू किया गया है। 1 जनवरी से लेकर 23 जून तक की अवधि में कुल 175 दिन हुए और इस लिहाज से 2.64 दिन यानी कि 3 दिन से भी कम समय की अवधि में रिश्वत लेते कर्मचारी या अधिकारी पकड़े जा रहे हैं। हर तीसरे दिन कोई न कोई कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत लेते धरा गया है। ऐसा लग रहा है कि सरकारी मुलाजिमों में गलत काम करते हुए कानून का कोई खौफ ही नहीं है। वो बेखौफ हो कर धड़ल्ले से आम जन की जेब काट अपनी जेब भर रहे हैं और कोई रोक टोक नहीं है। अकेले अप्रैल माह में ही 22 सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था।

सबसे ज्यादा रिश्वतखोरी टाउन प्लानिंग, तहसीलों में

पिछले कुछ समय के आंकड़ों पर नजर डालें या फिर रिश्वतखोरी के मामलों को देखें तो साफ पता चलता है कि प्रदेश के टाउन प्लानिंग विभाग और तहसीलों में जमकर ये खेल जारी है। टाउन प्लानिंग में तो जमकर धांधली जारी है। जानबूझ कर अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई ना करना या फिर इसमें देरी करना या फिर गलत कर रहे लोगों से पैसे लेकर उनको अतिक्रमण करने देना आम हो गया है। करनाल में वहीं जिला टाउन प्लानर विक्रम सिंह के किस्से से कौन अवगत नहीं हैं। पांच लाख की रिश्वत लेते धरे गए अधिकारी का मामला जमकर चर्चा में रहा। विभाग के जई भी इस मामले में फ्रंट पर हैं। वहीं तहसीलों में व्याप्त करप्शन से हर कोई वाकिफ है। पटवारी, मुंशी, क्लर्क से लेकर नायब तहसीलदार व तहसीलदारों का रिश्वत लेना तो जैसे आम सी बात हो गया है।

शिक्षा, बिजली, पुलिस में भी जारी रिश्वत का खेल, पुलिस सबसे ज्यादा भ्रष्ट

उपरोक्त के अलावा भी कई अन्य विभाग ऐसे हैं जहां आम जनता को अपना काम करवाने या फाइल अप्रूव करवाने के लिए रिश्वत देने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस बात से भी हर कोई इत्तेफा रखता है कि रिश्वत लेने में पुलिस महकमे के मुलाजिम सबसे आगे हैं। इस साल भी कांस्टेबल से लेकर अधिकारी तक इस खेल में रंगे हाथ धरे गए। मई माह में एएसआई नरेश कुमार को 2 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। अप्रैल माह में एएसआई विक्रम सिंह को 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ धरा था। सब इंस्पेक्टर ऋषिपाल व सीआईडी के ईएसआई को 20 हजार रिश्वत लेते धरा था। ये तो महज कुछ मामले हैं। इस खेल में अब महिला कर्मचारी भी निरंतर सामने आ रही हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग में भी ये किस्से आम हो गए। बिजली विभाग में जेई, लाइनमैन भी निरंतर रिश्वत लेते धरे जा रहे हैं।

पिछले दिनों एक ही दिन में 8 मुलाजिमों को रिश्वत लेते पकड़ा

राज्य विजिलेंस ब्यूरो ने 17 जून को 24 घंटे की अवधि में 2.62 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए करनाल, फरीदाबाद और कुरुक्षेत्र जिले में 8 आरोपियों को पकड़ा है जिनमें एक एसडीओ, दो जूनियर इंजीनियर, दो पुलिस अधिकारी, एक ट्यूबवेल हेल्पर और दो निजी व्यक्ति शामिल हैं। इ पहले मामले में निसिंग, करनाल में तैनात यूएचबीवीएन के एसडीओ मनीष लांबा व कनिष्ठ अभियंता पवन कुमार सहित एसडीओ के निजी चालक को 1 लाख रुपए की रिश्वत की राशि के साथ काबू किया गया। एक अन्य मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने कुरुक्षेत्र सेक्टर-7 के चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर जयकरण और महिला थाना कुरुक्षेत्र में तैनात महिला एएसआई किरण को केस रफा दफा करने की एवज में 60 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा है। एक अन्य मामले में ब्यूरो की टीम ने सुधीर वासदेव की शिकायत पर नगर निगम फरीदाबाद के कनिष्ठ अभियंता कपिल भारद्वाज के साथ ट्यूबवेल हेल्पर योगेश कुमार को 1 लाख रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। एक अन्य मामले में, फरीदाबाद से एक विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता के राशन कार्ड में सुधार करने के एवज में 2,000 रुपए रिश्वत लेते हुए एक निजी व्यक्ति अंकुर सोनी को गिरफ्तार किया।

होम मिनिस्टर अनिल विज बोले बख्शे नहीं जाएंगे भ्रष्ट मुलाजिम

होम मिनिस्टर अनिल विज ने कहा कि रिश्वत मांगने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मुलाजिमों के खिलाफ कार्रवाई भी जा रही है। जो भी सरकारी कर्मचारी आम जन को परेशान कर रहा है और काम की एवज में रिश्वत मांग रहा है तो इस तरह के लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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