करनाल: सरकार किसानों को बदनाम करने पर तुली : राकेश टिकैत

जिला सचिवालय के समक्ष लगातार डटे हुए हैं किसान
रमेश सरोय
इंडिया न्यूज, करनाल:
जिला सचिवालय के समक्ष किसानों ने पक्का मोर्चो लगाकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी है। किसान नेता राकेश टिकैत ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक प्रशासनिक अधिकारी आयुष सिन्हा के खिलाफ कार्यवाही नहीं होगी, तब तक लघु सचिवालय के सामने किसानों का धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। किसानों ने जिला सचिवालय के समक्ष टैंट लगा गाड़ दिए, वहीं लंगर चालू कर दिए। जिला सचिवालय के सामने व आसपास सड़कों पर किसानों की भीड़ जुटी हुई है। किसानों के पक्का मोर्चा को देखते हुए शासन-प्रशासन के हाथ पांव फूले हुए हैं, प्रशासनिक अधिकारी किसी न किसी तरह विवाद सुलझाने में लगे हुए हैं, उम्मीद जताई जा रही है कि बुधवार को एक बार किसान नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता का दौर चले। किसानों की पक्की मोर्चाबंदी को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है, चंडीगढ़ में बैठे आला अधिकारी मामले को लेकर एसपी-डीसी से इनपुट ले रहे है।
संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, किसान नेता योगेंद्र यादव, गुरनाम सिंह चढूनी सहित अन्य नेताओं के जिला सचिवालय के आगे मोर्चा बंदी करके बैठ जाने से प्रशासन पर दवाब साफ तौर पर देखा जा सकता है। नेताओं के करनाल में धरने पर बैठने से किसानों विशेषकर युवा काफी उत्साहित नजर आ रहे है। हालांकि अब तक किसानों का आंदोलन शांतिपूर्वक चल रहा है, आंदोलन आगे भी शांतिपूर्वक चले, इसको लेकर किसान नेता किसानों को शांतिपूर्वक आंदोलन करने की लगातार अपील कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार चाहे जो मर्जी आरोप किसानों पर लगा ले, कोई फर्क नहीं पड़ता। सरकार की शुरू से मंशा रही है कि किसानों को बदनाम किया जाए। उन्होंने कहा कि किसान शांतिपूर्वक अपना आंदोलन जारी रखेंगे, जब तक तीन कृषि कानून रद्द नहीं हो जाते।

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उन्होंने कहा कि करनाल में किसानों पर बेरहमी से पुलिस ने लाठीचार्ज किया, इसके विरोध में जिला सचिवालय के घेराव का निर्णय लिया गया था। सरकार को 7 सितम्बर तक टाइम दिया गया था, लेकिन शासन-प्रशासन ने किसानों की मांगों को नहीं माना। सबसे पहली मांग थी कि सिर फोड़ने के आदेश देने वाले अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज हो, लेकिन सरकार अधिकारी पर कार्यवाही नहीं कर रही। इसे देखते हुए किसानों ने लघु सचिवालय का घेराव किया है।

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किसान उस वक्त तक पक्का मोर्चा बंदी करके बैठे रहेंगे, जब तक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो जाती। पक्का मोर्चाबंदी जारी रहेंगी। उधर किसानों के आंदोलन को देखते हुए किसानों के चारों तरफ बीएसएफ, आईटीबीपी, रैपिड एक्शन फोर्स सहित अन्य 5-6 जिलों की पुलिस फोर्स का घेरा बनाए हुए है। लघु सचिवालय के मेन गेट को पूरी तरह से बंद कर दिया है।

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