विश्व संस्कृत दिवस पर “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी रेडियो यूनिटी 90 एफएम” की नई पहल

इंडिया न्यूज़ (गांधीनगर): गुजरात पर्यटन को वैश्विक फलक पर ले जाने वाले स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर (एसओयू) में रेडियो यूनिटी 90 एफएम लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना है। यहां स्थानीय आदिवासी युवक और युवतियां रेडियो जॉकी (आरजे) बनकर सैलानियों के मनोरंजन के साथ-साथ उनके ज्ञान में वृद्धि करते हैं। इन युवाओं के उत्साह और संस्कृत भाषा की अहमियत को बढ़ाने के लिए रेडियो यूनिटी पर 12 अगस्त को ‘विश्व संस्कृत दिवस’ के अवसर पर पूरे दिन संस्कृत भाषा में प्रसारण किया जाएगा। खास बात यह है कि संस्कृत भाषा में परोसी गई सामग्रियों का अनुवाद भी किया जाएगा ताकि श्रोता वर्ग उसे आसानी से समझ सके.

स्थानीय और आदिवासी युवक-युवतियां बने रेडियो जॉकी

रेडियो यूनिटी में रेडियो जॉकी के तौर पर गुरुचरण तड़वी,हेतल पटेल,डॉ. नीलम तड़वी और गंगा तड़वी जैसे स्थानीय युवा काम कर रहे हैं। सबसे पहले सभी लोगों को संस्कृत भाषा का प्रशिक्षण दिया गया। उसके बाद आरजे के रूप में उनका चयन किया गया। इससे पूर्व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आदिवासी युवाओं के कार्य की सराहना की थी.

satutue of unity radio meeting
स्टेचू स्टैच्यू ऑफ यूनिटी रेडियो के लोग बैठक करते हुए.

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के जनसंपर्क अधिकारी राहुल पटेल ने कहा कि, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना से सामुदायिक रेडियो ‘रेडियो यूनिटी’ साकार हुआ है। विश्व संस्कृत दिवस के अवसर पर इस वर्ष भी दिन के दौरान संस्कृत में वार्तालाप किया जाएगा।”

रेडियो यूनिटी में आरजे और आरोग्य वन में गाइड के रूप में कार्यरत हेतल पटेल ने कहा कि “भारत देश विविधता में एकता का संदेश देता है, जिसमें भाषा की विविधता में भी एकता मुख्य है। संस्कृत समस्त भाषाओं की जननी है, तब यह हमारे लिए गर्व की बात है कि रेडियो यूनिटी 90 एफएम पर हमें संस्कृत में भी अपनी बात प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।”
हम अपनी बात संस्कृत में कुछ इस तरह प्रस्तुत करते हैं…
“भवन्तः शृणवन्ति रेडियो यूनिटी नवति एफएम मम इत्युक्ते हेतल सह एक भारतम् श्रेष्ठ भारतम्”

वाराणसी में 15 दिनों तक लिया संस्कृत भाषा का गहन प्रशिक्षण

एकता नगर में अभी कुल 108 गाइड कार्यरत हैं। इनमें से 15 गाइड को सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय और संस्कृत भारती के सहयोग से एकता नगर में संस्कृत भाषा का 52 दिनों का प्रशिक्षण दिया गया था। इसके बाद इन 15 गाइड को गहन प्रशिक्षण के लिए वाराणसी भेजा गया था.

इस संबंध में बात करते हुए आरजे और आरोग्य वन में बतौर गाइड कार्यरत गुरुचरण तड़वी का कहना है कि,“यहां 6 अलग-अलग भाषाओं में जानकारी प्रदान करने वाले गाइड सेवारत हैं। हमें एकता नगर में 52 दिन और काशी में 15 दिनों तक संस्कृत का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया और अब हमें रेडियो यूनिटी पर रेडियो जॉकी के रूप में चुना गया है। अब हम गुजराती, हिन्दी और अंग्रेजी के साथ-साथ संस्कृत में भी जानकारी प्रदान करते हैं।”

रेडियो यूनिटी पर गुजराती, हिन्दी, अंग्रेजी, तेलुगू, मराठी और कन्नड सहित 6 भाषाओं में पर्यटकों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है.

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