उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसों के सर्वे करने का दिया आदेश

इंडिया न्यूज़ (लखनऊ, UP Goverment order For Survey of unrecognised madrassas): उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को छात्रों, शिक्षकों, और पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी का पता लगाने के लिए गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों में एक सर्वेक्षण करने की घोषणा की, साथ ही इन मदरसों के किसी गैर-सरकारी संगठन के साथ सम्बन्ध है या नहीं यह भी पता लगाया जाएगा.

सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने मदरसों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सक्रिय रुख अपनाते हुए सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को सर्वे को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं.

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, भारत सरकार (जीओआई) ने भी गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया है, इसका लक्ष्य मदरसों के छात्रों की बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करना होगा.

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और वक्फ विभाग राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी के मुताबिक, माध्यमिक शिक्षा और मूलभूत शिक्षा विभाग में लागू नियमों के आलोक में मदरसों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश और चाइल्ड केयर लीव देने का भी आदेश दिया गया है.

पांच अक्टूबर तक सर्वे करने का निर्देश

उत्तर प्रदेश सरकार ने 5 अक्टूबर तक गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया है, सर्वे टीम में  डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम), बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और जिला अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारी होंगे.

एक बार सर्वेक्षण किए जाने के बाद अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम), जिलाधिकारी (डीएम) को समेकित रिपोर्ट पेश करेंगे.

इसके अलावा, यह आदेश दिया गया है कि विवादित प्रबंधन समिति के मामले में या सहायता प्राप्त मदरसों में किसी कर्मचारी की मृत्यु के मामले में, प्रधान मदरसों और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा आश्रित कोटे में नियुक्ति के लिए कार्योत्तर अनुमोदन मृतक और एक वैध प्रबंधन समिति के अस्तित्व की मांग की जानी चाहिए.

असम की घटना के बाद आदेश 

आपको बता दे की, असम के कई  जिलों से हाल ही में अलक़ायदा की भारत इकाई और बांग्लादेश के अंसार बांग्ला टीम से जुड़े आंतकवादी पकड़े  गए थे। इन आतंकियों का जुड़ाव मदरसों से पाया गया था। मदरसों से कई सारे आतंकवाद से जुड़ी सामग्री भी पकड़ी गई थी। इसके बाद सरकार ने दो मदरसों पर बुलडोज़र चला कर उसे गिरा दिया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने यह आदेश दिया है। इस से पहले भी पश्चिम बंगाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से आतंकवाद के आरोप में पकड़े गए लोगों का मदरसों से संबंध पाया गया है.

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