स्टार क्रिकेटर पीछे, भारतीय ओलंपिक विजेता एथलीट्स कई गुना आगे

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:
टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करने और कई पदक जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों की कीमत बढ़ गई है। कई खिलाड़ियों के ब्रांड में 150 प्रतिशत तक का इजाफा देखने को मिला है। अब इनकी कीमत स्टार क्रिकेटरों के मुकाबले में भी ज्यादा है। मीराबाई चानू ने ओलिंपिक में 202 किलो वजन उठाकर वेटलिफ्टिंग में सिल्वर जीता। इसके बाद एक इंटरव्यू में मीराबाई ने कहा कि घर लौटने के बाद वो पिज्जा खाना चाहती हैं।
नीरज चोपड़ा की ब्रांड वैल्यू में 10 गुना बढ़ोतरी देखने को मिली है। नीरज को मैनेज करने वाली फर्म जेएसडब्ल्यू के सीईओ मुस्तफा गौस का कहना है कि ये बढ़ोतरी उनकी मेल और नॉन क्रिकेटिंग अचीवमेंट की वजह से हुई है। अभी तक मार्केट में या तो क्रिकेटरों का दबदबा था या पीवी सिंधु, मैरी कॉम और सानिया मिर्जा जैसी महिला एथलीट्स का। नीरज ने इस धारणा को तोड़ा है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि नीरज की सालाना ब्रांड एंडोर्समेंट फीस करीब ढाई करोड़ रुपए है। ओलिंपिक के पहले ये 20-30 लाख होती थी।

लगातार दो ओलिंपिक विजेता पीवी सिंधु

टोक्यो ओलिंपिक के पहले भी पीवी सिंधु कई ब्रांड्स की फेवरेट रही हैं। सिंधु को मैनेज करने वाली कंपनी बेसलाइन वेंचर्स के यशवंत बियाला के मुताबिक कई नए ब्रांड्स ने सिंधु को अप्रोच किया है और कम से कम 2-3 साल का करार करना चाहते हैं। सिंधु इकलौती भारतीय महिला हैं जिन्होंने 2 ओलिंपिक मेडल जीते हैं। उनकी सालाना एंडोर्समेंट फीस में 60-70% की बढ़ोतरी देखी जा रही है।

मीराबाई चानू: करोड़ से ज्यादा ब्रांड एंडोर्समेंट फीस

मीराबाई चानू को मैनेज करने वाली कंपनी कडर स्पोर्ट्स एंड एंटरटेनमेंट के चीफ आॅपरेटिंग आफिसर राहुल त्रेहन का कहना है कि मेडल जीतने के बाद चानू के पास कई ब्रांड्स के आफर हैं। इनमें स्टील, इंश्योरेंस, बैंकिंग, एडुटेक, एनर्जी ड्रिंक्स और आटोमोबाइल जैसे सेक्टर शामिल हैं। फिलहाल चानू ने एम्वे इंडिया, मोबिल इंजन आइल, एडिडास ग्लोबल के साथ करार किया है। त्रेहन के मुताबिक चानू की मौजूदा एंडोर्समेंट फीस 1 करोड़ रुपए सालाना से ज्यादा है। टोक्यो ओलिंपिक से पहले ये 10 लाख के आसपास थी।

बजरंग पूनिया: ब्रांड वैल्यू में 100% का इजाफा

टोक्यो ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने से पहले बजरंग पूनिया वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी कमाल कर चुके हैं। वहां तीन मेडल जीतने वाले वो भारत के इकलौते रेसलर हैं। ओलिंपिक से पहले भी उनके पास कई ब्रांड्स थे, लेकिन मेडल जीतने के बाद दर्जनों कंपनियां कतार में हैं। नीरज चोपड़ा की तरह उन्हें खरह फर्म मैनेज करती है। बजरंग पूनिया की ब्रांड वैल्यू में करीब 100% की बढ़ोतरी हुई है।

रवि दहिया: कई ब्रांड्स के आफर

रवि दहिया युवा खिलाड़ी हैं। सिल्वर मेडल जीतने के बाद उनके पास भी कई ब्रांड्स का आॅफर है। रेसलर सुशील कुमार ने जब ओलिंपिक मेडल जीता था, तो उनके पास भी कई बड़े ब्रांड्स के आफर आए थे। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि उनकी ब्रांड वैल्यू करीब 60% तक बढ़ गई है।
ओलिंपिक के अलग भी एथलीट्स को ब्रांड्स का साथ मिल रहा है। एशियन गेम्स 2018 में तीन मेडल जीतकर स्टार बनी स्प्रिंटर हिमा दास स्टेट बैंक आफ इंडिया और एडिडास के साथ जुड़ी हैं। टोक्यो ओलिंपिक की 100 मीटर में क्वालिफाई करने वाली दुती चंद को ज्वेलरी रिटेल चेन सेन्को गोल्ड एंड डायमंड का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है।

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