माइंडफुलनेस ने बच्चों को तनाव से दूर कर पढ़ाई में बढ़ाया उनका फोकस : उपमुख्यमंत्री

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हम गर्व से कह सकते है हैप्पीनेस करिकुलम दिल्ली के लिए एक बड़ी सफलता है। हैप्पीनेस करिकुलम का आधार माइंडफुलनेस है और इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती ये है की दिल्ली में रोजाना 16 लाख बच्चे स्कूल में अपनी पढ़ाई की शुरूआत माइंडफुलनेस के साथ करते है। उन्होंने शनिवार को ह्यमाइंड आॅनह्ण संस्था द्वारा आयोजित माइंडफुल एजुकेशन अवार्ड कार्यक्रम के दौरान कहीद्य उन्होंने कहा कि माइंडफुलनेस दिल्ली के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के जीवन में टर्निंग पॉइंट बना हैै माइंडफुलनेस ने बच्चों को तनाव से दूर कर पढ़ाई में उनका फोकस बढ़ाया है। उन्होंने कहा कोरोना के मुश्किल समय में भी माइंडफुलनेस का अभ्यास कर बच्चों ने स्वयं के साथ अपने परिवारों को भी तनावमुक्त रखने का काम किया है। अब हमारा लक्ष्य माइंडफुलनेस को दिल्ली के लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। इस लखी को पूरा करने और माइंडफुलनेस को जनांदोलन बनाने में स्कूलों में पढ़ने वाले हमारे बच्चे माइंडफुलनेस के एम्बेसडर और मैसेंजर की भूमिका निभाएंगे।

इमोशनल साइंस के क्षेत्र में भारत का दुनिया को उपहार

सिसोदिया ने कहा कि माइंडफुलनेस, इमोशनल साइंस के क्षेत्र में भारत द्वारा दुनिया को दिया गया एक उपहार है। भारत ने दुनिया को ध्यान की अपनी हजारों साल पुराणी परम्परा दी लेकिन समय के साथ इसमें विकार आया है। माइंडफुलनेस का असल लक्ष्य अपने जिंदगी पर ध्यान देना है लेकिन ये 15 मिनट के ध्यान तक सीमित रह गया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमें माइंडफुलनेस को जनांदोलन बनाने की जरुरत है। हर भारतीय को माइंडफुलनेस होकर जीवन जीने की जरूरत है। छोटी उम्र से ही बच्चों में माइंडफुलनेस का अभ्यास हो इसके लिए दिल्ली सरकार ने स्कूली की शुरूआत से ही हैप्पीनेस करिकुलम की शुरूआत की है।

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