‘किलर’ मांझे से घायल दो लोगों की मैक्स अस्पताल पटपड़गंज में हुई सफल सर्जरी

मनोहर प्रसाद केसरी, स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट, इंडिया न्यूज | Killer Manjha : अगस्त का महीना है और जल्द ही पूरा देश एक बार फिर हर साल की तरह स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने जा रहा है। दिल्ली में भी आजादी का ये पर्व बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और लोग खुले आसमान में पतंग उड़ाते हैं, लेकिन, पतंगबाजी के बीच कई घटनाएं ऐसी सामने आती हैं कि खतरनाक मांझा लोगों को जख्मी भी कर देता है, कुछ केस में जान पर भी बन आती है। हालांकि, जानलेवा ‘चाइनीज़ मांझा’ बैन है, बावजूद इसके जिस मांझे का इस्तेमाल पतंगबाजी में किया जा रहा है वो डेंजरस है. हाल ही में दिल्ली के मैक्स सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल पटपड़गंज में दो ऐसे मरीज आए जो मांझे से बुरी तरह जख्मी हो गए थे. डॉक्टर मनोज के. जौहर के नेतृत्व में मैक्स अस्पताल की टीम ने दोनों घायलों का सफल ऑपरेशन किया.

यह एक गलत धारणा है कि इस तरह का मांझा पूरी तरह विदेशों से आयात किया जाता है. स्टेपल फाइबर और मैन-मेड फिलामेंट जैसी चीजें जरूर इंपोर्ट की जाती हैं लेकिन नायलॉन या सिंगल प्लास्टिक फाइबर स्ट्रिंग्स यहीं बनाई जा रही हैं. कुल मिलाकर ये जानलेवा मांझा जिसे अब ‘चीनी मांझा’ ही कहा जाता है, बेहद खतरनाक है.

गले पर थे चाकू से कटने जैसे निशान

Killer Manjha

 

मैक्स अस्पताल पटपड़गंज पहुंचने वाले दो मरीजों में से एक थीं 61 वर्षीय विद्यावती. विद्यावती के गले पर मांझे ने ऐसा जख्म दिया था मानो चाकू से काटा गया हो. विद्यावती के साथ जब ये हादसा हुआ तब वो पूर्वी दिल्ली के इलाके में टू-व्हीलर वाहन चला रही थीं. अचानक उन्हें अपने गले पर कुछ महसूस हुआ और अगले ही पल वो दर्द से कराह उठीं, उनके गले से खून बहने लगा. आसपास मौजूद लोग और पुलिसकर्मी वहां मदद के लिए पहुंचे. तुरंत विद्यावती को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने बताया कि विद्यावती को गले में गहरे जख्म हैं, लिहाजा उन्हें सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल में रेफर करने को कहा गया. इसके बाद विद्यावती को दिल्ली के पटपड़गंज स्थित मैक्स अस्पताल लाया गया.

विद्यावती का गला इतनी बुरी तरह जख्मी हो चुका था : डॉक्टर मनोज के. जौहर

Killer Manjha

 

मैक्स सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल पटपड़गंज में प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट के हेड एंड सीनियर डायरेक्टर डॉक्टर मनोज के. जौहर ने बताया, ”विद्यावती के गले में गहरी इंजरी थी. बहुत ज्यादा खून बह जाने के कारण मरीज की हालत सीरियस थी. उनका गला इतनी बुरी तरह जख्मी हो चुका था कि तुरंत ही लाइफ सेविंग सर्जरी की आवश्यकता थी. न्यूरोवास्क्यूलर और मसल रिपेयर के साथ सफल प्लास्टिक सर्जरी की गई. विद्यावती फिजिकली तौर पर अभी रिकवरी कर रही हैं लेकिन मानसिक तौर पर उनके संभल पाने में शायद लंबा वक्त लग जाएगा.”

 

सफल सर्जरी के बाद रिकवरी होने के बावजूद विद्यावती के मन में उस घटना को लेकर आज भी खौफ है और वो इस जानलेवा ‘चाइनीज’ मांझे पर बैन को सही से लागू करने की मांग करती हैं.

Killer Manjha

विद्यावती की तरह ही मांझे से जख्मी होने के बाद 54 साल की उषा राजन मैक्स अस्पताल पटपड़गंज में आईं. मांझे के कट से उषा के दाहिने पैर में इंजरी थी. उषा जब रोड क्रॉस कर रही थीं, तब पंतग का मांझा उनके पैर में लिपट गया और पिंडली से एड़ी की हड्डी को जोड़ने वाली मसल्स के आर-पार हो गया. इस कारण बहुत ज्यादा खून बह गया और उषा की भी सर्जरी करनी पड़ी.

2016 में भी आई थी ऐसी घटना : डॉक्टर मनोज

Killer Manjha

डॉक्टर मनोज के. जौहर ने कहा, ”मांझे से जो इस तरह की दुर्घटनाएं होती हैं उनमें कई बार ऐसा होता है कि पीड़ित लोग वाहन से गिर जाते हैं या फिर उनकी किसी से टक्कर हो जाती है. इससे न सिर्फ उनकी अपनी जान खतरे में पड़ती है बल्कि दूसरे लोग भी चपेट में आ जाते हैं. 2016 में इस तरह की घटनाओं के सामने आने के बाद सरकार ने ऐसे प्रोडक्ट पर बैन लगाया था, लेकिन अब इनका इस्तेमाल फिर से बढ़ रहा है.”

Killer Manjha

2020 में पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनिंदर सिंह के बेटे अर्जुन सिंह भी सुबह के वक्त साइकिल राइडिंग के दौरान ऐसी ही दुर्घटना का शिकार हो गए थे और उन्हें गंभीर चोटें आई थीं.

भारत में मकर संक्रांति के मौके पर जनवरी महीने में और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को जमकर पतंगबाजी की जाती है. कई बार ऐसा होता है कि मांझा रास्तों पर लटका होता है और जमीन पर कहीं फंसा होता है. जो मांझा सादे धागे की बजाय खतरनाक प्लास्टिक का होता है वो चलते-फिरते लोगों को जख्मी भी कर देता है. इस पीरियड में पतंग के मांझे के कारण इंजरी होने और मौत के केस काफी बढ़ जाते हैं.

Killer Manjha

मैक्स अस्पताल पटपड़गंज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड डॉक्टर कौसर शाह ने कहा, ”विद्यावती और उषा के साथ जो हुआ वो दर्शाता है कि अवैध रूप से तैयार किया जा रहा मांझा कितना घातक है. हर साल जनवरी और अगस्त में इस तरह के केस सामने आने से ऐसे मांझे की सेल चिंता पैदा करती है. वो भी तब जबकि इस पर बैन है. हमारी जानकारी में ये भी आया है कि ये मांझा सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि जानवरों को भी जख्मी कर रहा है. एक सोसाइटी के रूप में हमें इसके इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगानी चाहिए ताकि जानलेवा घटनाओं से बचा जा सके. मैं संबंधित अथॉरिटीज से भी ये कामना करता हूं कि वो बैन को और सख्ती के साथ लागू करना सुनिश्चित करें.

ये भी पढ़ें : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले सबसे बड़े प्राइवेट अस्पताल अमृता हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का 24 अगस्त को करेंगे उद्घाटन

ये भी पढ़ें : भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को हरा कॉमनवेल्थ के फाइनल में बनाई जगह

ये भी पढ़ें : भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 सीरीज का चौथा मुकाबला आज, अमेरिका में खेला जाएगा यह मैच

ये भी पढ़ें : एशिया कप के लिए टी-20 टीम में वापसी के लिए तैयार केएल राहुल और दीपक चाहर, सोमवार को होना है एशिया कप की टीम का ऐलान

हमें Google News पर फॉलो करे- क्लिक करे !

Connect With Us : Twitter | Facebook Youtube

Latest news
Related news