जांचकर्ताओं की हर बात को हाँ, नार्को टेस्ट में रिलैक्स : ‘न चेहरे पर शिकन, ना कोई बैचेनी’ शातिर आफताब के रवैया से जांच एजेंसियों हैरान

इंडिया न्यूज़ (दिल्ली) : लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वालकर की हत्या करने के बाद शव को 35 टुकड़ों में काटकर अलग-अलग फेंकने वाले आरोपित आफताब पूनावाला का नार्को टेस्ट सफल रहा। आफताब ने पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद नार्को टेस्ट में भी श्रद्धा की हत्या की बात कबूल की है। उसने श्रद्धा के मोबाइल और कपड़े कहाँ फेंके हैं, इसकी भी जानकारी दी।

इसके साथ ही टेस्ट के दौरान आफताब ने बताया कि श्रद्धा के शव के टुकड़े करने में उसने कौन-कौन से हथियारों का इस्तेमाल किया और शव को काटने के बाद उन्हें कहाँ फेंका। दिल्ली पुलिस अब उन स्थानों को खंगालेगी, जिनके बारे में उसने जानकारी दी है। जानकारी दें, आफताब को सुबह 8.40 बजे दिल्ली पुलिस रोहिणी के बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल लेकर पहुँची थी। वहाँ नार्को टेस्ट से पहले उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। उसका नार्को टेस्ट करीब 10 बजे शुरू हुआ और लगभग 2 घंटे तक चला। टेस्ट सफल रहा है, लेकिन अगर किसी तरह की गड़बड़ी होती है तो पुलिस ब्रेन मैपिंग करने की माँग कर सकती है।

आफताब के रवैये ने उड़ाए एजेंसियों के होश

जानकारी दें, जाँच में शामिल एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि आफताब बहुत शातिर है और वह कभी भी मामले में नया मोड़ ला सकता है। अभी तक वह पुलिस की हर बात मान रहा है और जाँच में सहयोग कर रहा है। यहाँ तक कि उसने पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट के लिए भी अपनी सहमति दी। यही व्यवहार पुलिस अधिकारियों को परेशान कर रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आफताब बहुत ज्यादा कॉन्फिडेंट था। वह बहुत रिलैक्स होकर जवाब दे रहा था। इससे लगा कि वह पहले से सोच-समझकर जवाब देता है। पुलिस को शक यह भी है कि जब सितंबर-अक्टूबर में आफताब को मुम्बई पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था, उस वक्त भी श्रद्धा के कुछ बॉडी पार्ट्स उसके दिल्ली वाले फ्लैट में मौजूद थे।

आफताब की रचनात्मक शैली से हैरान जांचकर्ता

आपको जानकारी दें, जाँचकर्ताओं का यह भी कहना है कि आफताब ने प्रसिद्ध हत्याओं में कानूनी प्रक्रिया और कार्रवाई, पहले के महत्वपूर्ण मामलों और बिहैवियर पैटर्न पर गहन शोध किया था। उसने हॉलीवुड सिलिब्रेटी कपल के तलाक केस के मामलों का बहुत गहराई से फॉलो कर रहा था और यह पता लगा रहा था कि बिहैवियर पैटर्न किसी केस को कैसे प्रभावित करता है।

आफताब का नार्को टेस्ट के बाद एक पोस्ट टेस्ट FSL में होगा। इसमें उसकी काउंसलिंग की जाएगी। यहाँ बताना जरूरी है कि आफताब ने भले ही नार्को टेस्ट में श्रद्धा की हत्या से जुड़े राज का खुलासा कर दिया हो, लेकिन इन्हें कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता। हालाँकि, मजिस्ट्रेट के सामने दिया गया गया बयान कोर्ट में सबूत के रूप में पेश किया जा सकता है। टेस्ट के दौरान आफताब द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस सबूत इकट्ठा कर सकती है। अगर उसके बताए जगह पर श्रद्धा का मोबाइल, कपड़े और शवों को काटने वाले अन्य हथियार बरामद कर लिए जाते हैं तो यह पुलिस के लिए बड़ी सफलता होगी।

पुलिस की हाँ में हाँ मिला रहा आफताब

आफताब कितना शातिर है, इसका अंदाजा श्रद्धा की हत्या को लेकर बताई गई वजहों से पता चलता है। एक बार उसने पूछताछ में बताया था कि श्रद्धा उस पर शादी का दवाब डाल रही थी, इसलिए उसने हत्या कर दी। वहीं, अब उसने कहा है कि श्रद्धा उससे ब्रेकअप करना चाहती थी। यह बात उसे पसंद नहीं आई और उसने हत्या कर दी।

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