Coronavirus Third Wave Vs Omicron Variant: 100 से ज्यादा देशों में फैला ओमिक्रॉन, कई देशों में बनता जा रहा डॉमिनेंट वेरिएंट

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:
Coronavirus Third Wave Vs Omicron Variant: दक्षिण अफ्रीका में 24 नवंबर से डिटेक्ट हुआ कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन अब तक 100 से ज्यादा देशों में फैला अब चिंता बढ़ाने लगा है। भारत में 16 राज्यों में फैला ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या 325 के लभगभ पहुंच चुकी है। अच्छी बात ये है कि जितनी तेजी से ओमिक्रॉन के मरीज मिल रहे हैं, उतनी ही तेजी से ठीक भी हो रहे हैं।

केंद्र सरकार ने भी इस बात को लेकर आगाह किया है कि ओमिक्रॉन डेल्टा वेरिएंट की तुलना में ज्यादा संक्रामक है। नीति आयोग का कहना है कि अगर भारत में ब्रिटेन की तरह ही केस बढ़े, (Current Situation Of India South Africa US UK ) तो भारत में रोजाना 13-14 लाख नए केस आ सकते हैं।

आपको बता दें ओमिक्रॉन के बढ़ते केस का ट्रेंड डेल्टा जैसा ही है। (More contagious than Omicron delta variants) डेल्टा की वजह से ही देश में भयावह दूसरी लहर आई थी। इसके बाद आशंका जताई जा रही है कि देश में ओमिक्रॉन तीसरी लहर की वजह बन सकता है। एक्सपर्ट्स भी ओमिक्रॉन पर बढ़ते केस पर चेतावनी दे चुके हैं।

5 देश के आंकड़ों से डेल्टा और ओमिक्रॉन केस की रफ्तार ( Delta and Omicron cases speed up from 5 country figures )

भारत: भारत में दिसंबर 2020 के आखिर में डेल्टा वेरिएंट के मामले सामने आना शुरू हुए थे। 21 दिसंबर 2020 को जहां कुल केस में से 0.73 फीसदी केस ही डेल्टा वेरिएंट के थे। वहीं करीब दो महीने बाद 22 फरवरी तक बढ़कर 6.32 फीसदी हो गए थे। (covid-19 statistics) इसके बाद से ही डेल्टा भारत में डोमिनेंट वेरिएंट हो गया था।

  • मई 2020 तक 90 फीसदी से ज्यादा केस के पीछे डेल्टा जिम्मेदार था। दो दिसंबर को भारत में ओमिक्रॉन के पहले दो केस मिले थे। 24 दिसंबर तक ओमिक्रॉन के केस का आंकड़ा 325 हो गया है। यानी 23 दिन में ही ओमिक्रॉन के केस में दो से बढ़कर 325 पर पहुंच गए हैं।

दक्षिण अफ्रीका: 2021 मई की शुरूआत में जहां केवल 2 फीसदी नए केस के पीछे ही डेल्टा जिम्मेदार था, जो 12 जुलाई तक बढ़कर 89 फीसदी पर पहुंच गया था।

  • दक्षिण अफ्रीका में 24 नवंबर को सबसे पहले ओमिक्रॉन डिटेक्ट हुआ था। 13 दिसंबर तक ओमिक्रॉन दक्षिण अफ्रीका में डोमिनेंट वेरिएंट बन गया है। फिलहाल 95 फीसदी केस के पीछे ओमिक्रॉन ही जिम्मेदार है।

ब्रिटेन: पांच अप्रैल 2021 तक 0.10 फीसदी केस ही डेल्टा की वजह से आ रहे थे, जो मई आखिर तक बढ़कर 74 फीसदी हो गए। जून तक 90 फीसदी से ज्यादा केस के पीछे डेल्टा वजह था।

  • ओमिक्रॉन की वजह से ब्रिटेन में एक माह के अंदर नए कोरोना केस ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 22 दिसंबर को ब्रिटेन में एक लाख से ज्यादा नए केस आए हैं, जो एक दिन में सबसे ज्यादा केस का रिकॉर्ड है। 29 नवंबर तक ब्रिटेन में मिल रहे 0.17 फीसदी नए केस के पीछे ओमिक्रॉन जिम्मेदार था जो आंकड़ा अब बढ़कर 38 फीसदी पर पहुंच गया है।

जर्मनी: तीन मई 2021 तक जर्मनी में मिल रहे 0.69 फीसदी केस के पीछे डेल्टा वेरिएंट वजह था। जुलाई आखिर तक ये आंकड़ा बढ़कर 90 फीसदी पर पहुंच गया था।

  • इसी तरह ओमिक्रॉन 29 नवंबर तक 0.15 फीसदी केस के पीछे ही वजह था। 22 दिसंबर तक मिल रहे कुल केसेज में से 9 फीसदी केस के पीछे ओमिक्रॉन वजह है।

अमेरिका: 19 अप्रैल 2021 तक अमेरिका में आ रहे कुल केसेज के 0.31 फीसदी केस के पीछे डेल्टा वेरिएंट ही वजह था। जून अंत तक ये आंकड़ा बढ़कर 50 फीसदी पहुंच गया। जुलाई अंत तक 90 फीसदी से ज्यादा केस के पीछे डेल्टा जिम्मेदार था।

  • 29 नवंबर तक केवल 0.04% केसेज के पीछे ही ओमिक्रॉन जिम्मेदार था। 22 दिसंबर तक अमेरिका में हर चौथा केस ओमिक्रॉन की वजह से आ रहा है।

Coronavirus Third Wave Vs Omicron Variant

क्या भारत में आ सकती है तीसरी लहर? (Can third wave come in India)

  • हां। दूसरे देशों और भारत में ओमिक्रॉन ने जिस तरह से रफ्तार पकड़ी है उससे ये कहा जा सकता है। 24 नवंबर को डिटेक्ट हुआ ओमिक्रॉन अब तक 100 से ज्यादा देशों में फैल चुका है और धीरे-धीरे ये डॉमिनेंट वेरिएंट बनता जा रहा है।
  • ओमिक्रॉन की वजह से तीसरी लहर नहीं आने के पीछे एक वजह बताई जा रही है कि इससे संक्रमित ज्यादातर मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं है। लेकिन समझने वाली बात ये है कि ज्यादा लोगों का संक्रमित होना अपने आप में चिंता का विषय है।
  • बता दें ओमिक्रॉन से संक्रमित लोगों में गंभीर मरीजों का शेयर भले ही कम हो लेकिन ज्यादा लोग संक्रमित होंगे तो गंभीर मरीज भी उसी अनुपात में बढ़ेंगे।
  • ओमिक्रॉन के स्पाइक प्रोटीन में 26-32 म्यूटेशन और रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन में 10 म्यूटेशन है। इन दोनों पैमानों पर डेल्टा के लिहाज से ओमिक्रॉन खतरनाक है। डेल्टा के स्पाइक प्रोटीन में 18 और रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन में दो ही म्यूटेशन थे।
  • पांच से ज्यादा स्टडी में ये बात सामने आई है कि ओमिक्रॉन वैक्सीन इम्यूनिटी को बाइपास कर सकता है। यानी इस पर वैक्सीन इतनी असरदार नहीं रहेगी जितनी डेल्टा या ओरिजिनल स्ट्रेन पर थी।

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