Kejriwal Ready For Haryana: केजरीवाल का हरियाणा की राजनीति में फिट होना अभी टेड़ी खीर

Kejriwal Ready For Haryana

पवन शर्मा, चंडीगढ़:
Kejriwal Ready For Haryana: पांच राज्यों के चुनाव के बाद प्रदेश में भी राजनीतिक चहल कदमी एकाएक तेज हो गई है। इस चहलकदमी का हालांकि मौजूदा सियासत पर कोई फर्क पड़ेगा ऐसा भी नहीं है। मगर पड़ोसी राज्य पंजाब (Punjab) में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने जिस तरह क्लीन स्वीप किया है उसका असर उन नेताओं के लिए जरूर आश लेकर आया है जो अपनी अपनी पार्टियों में हासिए पर हैं।

सबसे खास बात यह है कि न केवल नेताओं ने आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं के यहां हाजीरी भरनी शुरू कर दी है बल्कि प्रदेश के कईं सेवानिवृत आईएएस व दूसरे बड़े अधिकारी भी राजनीति के मैदान में कूदने को ललायीत हैं। हालांकि राजनीति की गहरी जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि आप पार्टी हरियाणा की सियासत में किसी भी तरीके से फिट नहीं बैठती।

पंजाब के बाद केजरीवाल की नजर हरियाणा पर

पंजाब में सरकार बनाने के बाद निश्चित तौर पर हरियाणा के भिवानी जिले से संबंध रखने वाले दिल्ली के सीएम व आप पार्टी के सुप्रीमो केजरीवाल (Kejriwal) की नजर अब प्रदेश पर रहेगी। प्रदेश की जनता के मन भी सवाल तैरने लगे हैं कि आने वाले समय में कौन कौन से नेता पाला बदलकर आप की गोद में जा सकते हैं।

हालांकि राजनीति की गहरी जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि आप पार्टी हरियाणा की सियासत में कोई फेरबदल कर दें ऐसा कुछ भी नहीं है लेकिन केजरीवाल अपनी तरफ से अब पूरे प्रयास हरियाणा की राजनीति में दखलअंदाजी का करेंगे। लोगों का मानना है कि प्रदेश की राजनीति हमेशा से जाट गैर जाट के मुद्दे पर घूमती है। प्रदेश में जो गैर जाट नेता हैं उनका कद किसी भी तरह से केजरीवाल से कमत्तर नहीं है।

आप की एंट्री से हरियाणा की राजनीती गर्माएगी

फिलहाल मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रदेश में बड़े गैर जाट नेता के तौर पर एकाएक उभरे हैं। इसके अलावा हरियाणा जन चेतना पार्टी के अध्यक्ष पंडित विनोद शर्मा, कुलदीप बिश्नाई, राव इंद्रजीत जैसे दिग्गज हैं जिनकी हरियाणा के लोगों में अच्छी खासी पकड़ है।

जाट नेता के तौर पर देवीलाल परिवार व भूपेंद्र सिंह हुड्डा में जोर आजमाइश लग रहती है। फिर भी सबसे बड़ी बात जो इस समय हवा में तैर रही है वह यह है कि पंजाब की जीत के बाद प्रदेश के कईं नेता जो अपनी अपनी पार्टियों में किनारे लगे हुए हैं वे आम आदमी पार्टी की ओर दौड़ लगा सकते हैं।

इनमें कईं पूर्व मंत्रियों, विधायकों के साथ साथ पूर्व आईएएस अधिकारी भी हैं। सूत्रों की मानें तो अगले कुछ दिनों में तीन से चार पूर्व आईएएस व एचीस अधिकारी केजरीवाल का दामन थाम सकते हैं। बहराल एक बात साफ है कि लोकसभा चुनाव से पहले अब हरियाणा की राजनीति में दूसरी पार्टियों के साथ आम आदमी पार्टी की इंट्री भी प्रदेश की सियासत को जरूर गमरामएगी।

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